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सीएम की दस्तक से जागी घुंघरू के खनकने की आस

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सीएम की दस्तक से जागी घुंघरू के खनकने की आस - फोटो : अमर उजाला
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एटा/जलेसर। घुंघरू की खनखनाहट कमजोर है और परिवहन सेवा ठप। इलाज के इंतजाम नाकाफी और सड़कें खस्ताहाल हैं। दिक्कतों की फेहरिस्त लंबी है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं। अब सीएम आ रहे हैं, तो उनके आने की दस्तक से घुंघरू उद्योग की खनक बढ़ने की उम्मीद भी जाग गई हैं। उम्मीद है कि सरकार आएंगे, तो कारोबारियों और आमजन के दर्द को भी मरहम लगेगा। जी हां जलेसर का दम तोड़ता घुंघरू-घंटी उद्योग और लोग सीएम के आने को लेकर तमाम सपने संजोए हैं।
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यूं तो जलेसर नगरी महाभारत काल से है, लेकिन जन प्रतिनिधियों और सरकारी उपेक्षा के चलते विकास से हमेशा अछूती रही है। बीते साल 22 जुलाई को सीएम योगी आदित्यनाथ एटा आए थे, लेकिन तब भी उनके पिटारे से जलेसर के घुंघरू-घंटी उद्योग को कुछ नहीं मिल सका। इस दौरान सीएम ने जल्द ही घुंघरू-घंटी उद्योग की खनक को बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन वादे पर अमल नहीं हो सका। हालांकि उद्योग को सरकार की एक उत्पाद एक जिला योजना में शामिल किया गया, लेकिन योजना भी उद्योग को कोई राहत नहीं दे सकी। 26 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी एटा आ रहे हैं, तो उम्मीदें परवान चढ़ने लगीं हैं। लोगों का कहना है कि सीएम से तमाम उम्मीदें हैं।
कहते हैं कारोबारी
नगर और जिले के प्रमुख घुंघरू-घंटी उद्योग के लिए कोई नहीं सोचता। पिछले साल भी सीएम आए, लेकिन उद्योग के लिए कुछ नहीं किया। उद्योग को विकास की जरूरत है।
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मनीष सिंघल
एक दौर था, जब जलेसर के घुंघरू की खनक देशभर में होती थी, लेकिन उपेक्षा के चलते अब उद्योग सिमटकर रह गया है। सीएम से तमाम उम्मीदे हैं।
कृष्ण गोपाल गुप्ता
घुंघरू-घंटी उद्योग को एक उत्पाद एक जिला योजना में शामिल किया गया, लेकिन कुछ भी बेहतर नहीं हो सका। एक बार फिर सीएम से आस है कि वे कुछ बेहतर करेंगे।
कपिल
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