मथुरा। मंगलवार की दोपहर को किसानों द्वारा खेतों से दौड़ाए गए गोवंश यमुना एक्सप्रेसवे पर आ गए। इससे ट्रैफिक थम गया था। किसी तरह से गोवंश को वहां से हटाया गया। इससे काफी देर तक अफरातफरी मची रही।
वहीं, खुले घूम रहे पशु अब गांवों में विवाद की वजह भी बनने लगे हैं। एक गांव से दूसरे गांव को दौड़ाए जा रहे पशुओं को लेकर ग्रामीण भी आमने-सामने आने लगे हैं। इसकी पुलिस तक पहुंच रहीं हैं शिकायतें।
जंगल में खुले घूमने वाले पशु किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन रहे हैं। स्थिति यह है कि काश्तकार रातों को जागकर अपनी फसलों की रखवाली कर रहे हैं। रात भर गोवंश को दौड़ाते रहते हैं। लेकिन फिर भी पशु खेतों में पहुंच रहे हैं।
मंगलवार की दोपहर को मांट क्षेत्र में अचानक पशु यमुना एक्सप्रेसवे पर आ गए। 50 से भी ज्यादा गाय और सांड़ थे। इससे वाहनों की रफ्तार थम गई थी। किसी तरह से लोग पशुओं को हटाकर आगे बढ़े। दरअसल यह गोवंश खेतों में घुसा हुआ था जिसे किसान दौड़ा रहे थे। यह पशु रेलिंग को कूदकर सड़क पर आ गए थे।
वहीं फरह, बलदेव, मांट, नौहझील और कोसीकलां में भी आवारा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। स्थिति यह है कि किसान खुले घूम रहे पशुओं को एक गांव से दूसरे गांव के लिए दौड़ा रहे हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे अथारिटी के मेजर मनीष ने बताया कि पशु सड़क पर न आ सकें इसके लिए फेंसिंग लगाई जाती है। लेकिन फेंसिंग लोग काट ले जा रहे हैं। इस संबंध में कई दफा मुकदमे भी दर्ज करा दिए गए हैं। ढाबों के आसपास फेंसिंग ज्यादा काटी जा रही है।