फिरोजाबाद। सितंबर में दालों में मिलाए जाने वाले खेसारी और रंग की मिलावट की रोकथाम के लिए चलाए अभियान में लिए दाल के नमूनों की रिपोर्ट आ गई है। विभागीय प्रयोगशाला में तीन दालों के नमूने को मानव उपयोग के लिए असुरक्षित बताया गया है।
खाद्य विभाग की टीम ने नगला बरी साठ फुटा रोड से मुकीम मंसूरी के खाद्य प्रतिष्ठान से 17 सितंबर को अरहर की दाल का नमूना लिया।
इसमें प्रतिबंधित टाट्राजिन कलर की पालिश की पुष्टि हुई है। इसे मानव जीवन के लिए असुरक्षित बताया है। राधे चौराहा सिरसागंज से क्वालिटी होटल से दाल का नमूना लिया।
यहां भी दाल में सिंथेटिक कलर की पालिश की पुष्टि हुई है। यह रंग प्रतिबंधित है। दाल को असुरक्षित बताया है। जिला अभिहित अधिकारी सय्यद शहनवाज हैदर आबिदी ने बताया कि असुरक्षित खाद्य नमूनों की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। शासन की स्वीकृति के बाद मुकदमा दायर कर लिया जाएगा।
सिरसागंज स्थित विक्रेता अमरलाल के प्रतिष्ठान आनंद कुमार, दीपक कुमार के आटा, बेसन निर्माण केंद्र पर टीम ने निरीक्षण किया था। टीम ने देखा कि दाल खरीदकर उसकी पिसाई करके बेसन की बिक्री की जाती है।
मौके से चने की दाल का नमूना लिया था। जांच रिपोर्ट के अनुसार दाल के नमूने में कीड़ों से कटे हुए दाने मानक से अधिक मिले थे। द
ाल में कीड़े और लारवा होने की पुष्टि हो गई है। नमूने असुरक्षित निकले। जिला अभिहित अधिकारी ने बताया कि खाद्य कारोबारी कीड़े युक्त चने की दाल से बेसन का निर्माण कर बेच रहे थे।