एटा। यात्रियों को फर्जी टिकट देने के मामले में आरोपी 23 परिचालकों के रूट बदलने के बाद अधिकांश गुरुवार को ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। ऐसे में डेढ़ दर्जन से अधिक बसों का संचालन नहीं हो सका। बसों की कमी से परेशान यात्री भटकते रहे।
शासन के निर्देश पर दो दर्जन चालक परिचालकों पर हुई कार्रवाई का असर गुरुवार को परिवहन व्यवस्थाओं पर पड़ा। रूट बदलने से खफा चालक परिचालक गुरुवार को ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। बिना सूचना के अनुपस्थित रहे स्टाफ के चलते डेढ़ दर्जन बसों का संचालन नहीं हो सका। विभिन्न मार्गो पर नियमित चलने वाली बसें स्टाफ के अभाव में खड़ी रहीं। बसों की कमी से परेशान यात्री भटकते दिखाई दिए।
चालक-परिचालकों के रुख से चिंतित अधिकारियों को पर्व के विशेष अभियान की चिंता सता रही है। बताते चलें कि प्रबंध निदेशक परिवहन निगम ने चालक परिचालकों एवं अधिकारियों के अवकाश निरस्त कर डयूटी पर रहने के निर्देश दिए हैं।
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क्या है मामला ?
संजय नगर निवासी शिकायतकर्ता ने परिवहन मंत्री, प्रबंध निदेशक व क्षेत्रीय प्रबंधक को परिचालकों द्वारा विभिन्न मार्गों पर की जा रही फर्जी टिकटिंग की शिकायत की थी। क्षेत्रीय प्रबंधक के आदेश पर कार्रवाई करते हुए आरोपी 23 परिचालकों के रूट बदल दिए गए। इनमें एटा-फर्रुखाबाद, मैनपुरी, शिकोहाबाद, दिल्ली मार्ग शामिल हैं।
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दो यात्री बिना टिकट मिले
एआरएम की चेकिंग में बिना टिकट मिले दो यात्रियों के बाद एटा डिपो के परिचालक के विरुद्ध कार्रवाई की गई। एआरएम मदनलाल के नेतृत्व में बुधवार रात अलीगंज रोड पर आधा दर्जन से अधिक बसों की चेकिंग की। इनमें दो फर्रुखाबाद, दो हरदोई एवं दो एटा डिपो की बसें शामिल हैं। एआरएम ने बताया कि चेकिंग और तेज की जाएगी।
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क्षेत्रीय प्रबंधक के निर्देश पर 23 परिचालकों के रूट बदले गए। यह लोग बिना सूचना के अनुपस्थित रहे। गुरुवार को डिपो की 13 से अधिक बसों का संचालन नहीं हो सका। इन्हें अविलंब डूयटी पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
---मदन लाल, एआरएम