मथुरा। जनपद में भूगर्भ जल स्तर की स्थिति निरंतर कमजोर हो रही है। खारे पानी की समस्या से जूझते जनपद में नीचे खिसकता जल स्तर चिंता का विषय बना हुआ है। इसे लेकर शासन ने जिला प्रशासन से इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए कार्य योजना मांगी थी। लेकिन जनपद के निकाय अब तक इसके प्रति लापरवाह बने हुए हैं। इस पर सभी निकायों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
जनपद का अधिकांश हिस्सा खारे पानी की समस्या से प्रभावित है। ग्रामीण अंचल के साथ कस्बा क्षेत्रों में भी यह संकट व्याप्त है। ऐसे में कई कस्बा क्षेत्रों के लिए निकटवर्ती क्षेत्रों से पीने के पानी की आपूर्ति पाइप लाइन द्वारा की जा रही है। इसके बावजूद कस्बा क्षेत्रों में जलस्तर नीचे खिसक रहा है। यह बात सांसद, विधायक स्तर से कई बार शासन में उठाई गई है।
स्थानीय निकाय निदेशालय के निदेशक ने जनपद के सभी निकायों से इस समस्या को लेकर कार्य योजना मांगी, लेकिन कोसीकलां नगर पालिका सहित सभी नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इस पर शासन की नाराजगी के बाद निकाय प्रभारी एडीएम कानून व्यवस्था रमेशचंद ने सभी निकायों के अधिशासी अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। गौरतलब रहे शहरी क्षेत्रों में निजी सबमर्सिबल इस समस्या का बड़ा कारण बने हुए हैं। इस पर निकाय कोई शिकंजा नहीं कस रहे हैं।