मथुरा। आयकर सर्वे टीम बुलियन कारोबारियों के तीन प्रतिष्ठानों को सील करते हुए 52 घंटे बाद शनिवार को वापस लौट गईं। सर्वे में निकल कर आए अहम दस्तावेजों को टीम साथ ले गई है। इस पूरी कार्रवाई से सराफा व्यवसायियों में अभी भी खलबली मची हुई है।
19 जुलाई की सुबह छह बजे से कानपुर, आगरा की आयकर विभाग की टीमों ने मथुरा के तीन बुलियन कारोबारियों के प्रतिष्ठान और आवासों पर सर्वे की प्रक्रिया शुरू की थी। यह कार्रवाई टीम ने आरएस बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल और उससे जुड़े कारोबारी विपिन गुडेरा की फर्म प्रशांत सिलवर के ब्रजवासी कांपलेक्स स्थित प्रतिष्ठान, कमला विहार में आवास तथा जगन्नाथपुरी निवासी अमित अग्रवाल उर्फ बंटीपुरी के आवास पर चली। लगातार तीन दिन तक जारी रही सर्वे की कार्रवाई शनिवार सुबह करीब 10 बजे पूरी हो गई। सर्वे के दौरान मिले तमाम दस्तावेजों को टीमें अपने साथ ले गई है।
इसके अलावा टीम ने नीरज अग्रवाल ब्रजवासी कांपलेक्स स्थित प्रतिष्ठान, राधा ऑर्चिट में पार्टनर प्रमोद अग्रवाल का आफिस और कु शक गली स्थित ब्रजवासी वोल्ट में बने लॉकर को सील कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि सर्वे के दौरान टीम को तमाम अहम जानकारियां और रिकार्ड हाथ लगे हैं।
वाणिज्यकर विभाग ने बुलियन कारोबारी का मांगा रिकार्ड
आयकर विभाग की टीमों द्वारा बुलियन कारोबारी के यहां की गई सर्वे की कार्रवाई के दौरान वाणिज्यकर विभाग भी सक्रिय हो गया है। वाणिज्यकर विभाग ने कारोबारी द्वारा दो वित्तीय वर्षों में की गई खरीद फरोख्त का रिकार्ड मांगा है।
वाणिज्यकर विभाग ने आरएस बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल के वित्तीय वर्ष 2015-16 और 16-17 में विभिन्न फर्मों से हुई खरीद का पूरा ब्यौरा हासिल करने के लिए आयकर विभाग को पत्र लिखा है। वाणिज्यकर विभाग को शक है कि बुलियन कारोबारी ने सेल कंपनियों से खरीद फरोख्त की है। वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर अमित मोहन ने बताया कि आयकर विभाग से खरीद फरोख्त और बुलियन कारोबारी की फर्मों का ब्यौरा मांगा गया है।
आयकर विभाग से रिकार्ड आने के बाद संबंधित कंपनियाें पर शिकंजा कसने की तैयारी है। इस प्रक्रिया ने बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल के कई मददगारों की नींद उड़ा दी है। पता चला है बुलियन कारोबारी की काली कमाई में अनेक उसके साथ रहे थे।