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एटा में अभिलेखों के साथ गुम हो गए अभिलेखागार

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थाने पर नहीं चस्पा टाप टेन अपराधियों की सूची - फोटो : अमर उजाला
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एटा। जिले की ग्राम पंचायतों के अभिलेखों के साथ अभिलेखागार के आदेश गायब हो गए हैं। जिले की तमाम ग्राम पंचायतों में अभिलेख नहीं हैं, तो अभिलेखों के रख रखाव को आए अभिलेखागार के निर्देशों की धज्जियां उड़ा दी गई हैं। दो साल पहले प्राथमिकता पर होने वाले काम को क्षेत्र पंचायतों ने नकार दिया। जबकि खुशामदी के लिए अन्य निर्माण करा दिए। इसका परिणाम सामने आया कि ग्राम पंचायतों के अभिलेखों में खेल होता रहा और उनको गायब कर दिया गया। हाल ही में हुए ग्राम पंचायतों के आडिट में अभिलेखों के नहीं मिलने से ग्राम पंचायतों के गोलमाल की कलई खुल गई, लेकिन अभिलेखागार के निर्देश अब भी ताक पर हैं।
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दरअसल 19 जून 2015 को जिला पंचायत राज विभाग के निदेशक ने जिलाधिकारियों को सभी क्षेत्र पंचायतों में अभिलेखागार बनवाने के निर्देश दिए थे। इन अभिलेखागार का खर्च क्षेत्र पंचायतों को मिलने वाली चतुर्थ राज्य वित्त से किया जाना था। साथ ही निर्देश थे कि अभिलेखागार के निर्माण के बाद ही क्षेत्र पंचायतें अन्य कोई काम करा सकेंगीं। लेकिन आज तक निर्देश अमल में नहीं आ सके। परिणाम यह रहा कि ग्राम पंचायतों के अभिलेख ग्राम प्रधान और सचिव के हवाले रहे। इसमें मनमाने तरीके से खेल किया जाता रहा। पिछले साल मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों का आडिट कराने पर जोर दिया, तो सामने आया कि जिले की 576 ग्राम पंचायतों में से अधिकांश में अभिलेख ही नहीं हैं। अभिलेखागार नहीं बनने से अभिलेखों में विकास को आई धनराशि का खेल होता रहा। शासन ने ग्राम पंचायतों के आडिट में अभिलेख नहीं मिलने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आडिट में रूचि नहीं लेने वाली ग्राम पंचायतों के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। शासन ने जिले के अधिकारियों से क्षेत्र पंचायत कार्यालय पर अभिलेखागार नहीं बनने पर भी सवाल उठाए हैं। शासन के निर्देश के बाद विभाग में हड़कंप मचा है।
कार्ययोजना में बनते रहे अभिलेखागार
शासन से मिले निर्देशों के बाद क्षेत्र पंचायत की कार्ययोजना में अभिलेखागार बनाने के लिए योजना शामिल की जाती रही। वर्ष 2017-18 में निधौलीकलां ने 50 हजार, सकीट ने 15 लाख और शीतलपुर ने छह लाख रुपये अभिलेखागार बनवाने का प्रस्ताव दिया, लेकिन कागजों में ही अभिलेखागार बना दिए गए। किसी भी क्षेत्र पंचायत ने प्राथमिकता से इस काम को नहीं कराया और धन का बंदरबांट कर लिया।
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इनका कहना है
क्षेत्र पंचायतों को प्राथमिकता से अभिलेखागार बनवाने के निर्देश दिए गए थे। मगर अब तक नहीं बन सके। इस संबंध में क्षेत्र पंचायतों को निर्देशित किया गया है कि इस वर्ष अभिलेखागार का काम सक्रियता से पूर्ण किया जाए।
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धनंजय जायसवाल, डीपीआरओ, एटा।

कहते हैं आंकड़े
576 ग्राम पंचायतें हैं जिले में
08 क्षेत्र पंचायतें हैं जिले में
343 ग्राम पंचायतों ने कराया आडिट
233 ग्राम पंचायतों ने नहीं कराया आडिट
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