नगर निकाय के विकास कार्यों में बाधक बनने वाले तत्वों पर अब सेना के जवान शिकंजा कसेंगे। शासन ने नगर निकायों में प्रवर्तन दल का गठन करने के निर्देश दिए हैं। जिसमें सेना के भूतपूर्व कर्नल समकक्ष अधिकारी के नेतृत्व में नौ कर्मचारियों की टीम काम करेगी। इनका मुख्य कार्य निकायों में कूड़ा निस्तारण और निकाय की संपत्तियों पर होने वाले कब्जों को रोकना होगा।
नगर निकायों की संपत्तियों की सुरक्षा के साथ यातायात प्रबंधन, कूड़ा निस्तारण, पालीथिन प्रतिबंध जैसे मुद्दों को लेकर निकाय अनदेखी कर रहे थे। इसे लेकर अब शासन ने निकायों में प्रवर्तन दल का गठन करने के निर्देश दिए हैं। प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने प्रदेश की सभी नगर निगम और एक लाख की आबादी वाली नगर पालिकाओं के अधिकारियों को प्रवर्तन दल का गठन करने के निर्देश दिए हैं।
सेना के सेवानिवृत्त अधिकारियों की नियुक्ति राज्य स्तर पर होगी। जबकि भूतपूर्व सैनिकों का चयन सैनिक कल्याण निगम के साथ मिलकर पालिका के ईओ करेंगे। होमगार्डों का चयन पालिका ईओ और पीआरडी के अधिकारी करेंगे। पालिका के प्रवर्तन दल को शासन ने एक छोटी गाड़ी और छोटा ट्रक दिए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके जरिए दल क्षेत्र में पहुंचकर कार्रवाई कर सकेगा।
ये होंगे प्रवर्तन दल में शामिल
सेना के भूतपूर्व अधिकारी (लेफ्टिनेंट कर्नल स्तर)- एक
सेना के भूतपूर्व सिपाही- तीन
होमगार्ड- छह
ये होंगे प्रवर्तन दल के काम
- सालिड वेस्ट मैनेजमेंट और प्लास्टिक कूड़े का प्रवर्तन।
- नगर की सड़कों पर अवैध कूड़ा निस्तारण का भंडारण और प्रवर्तन।
- नगर निकाय की संपत्ति पर कब्जे नहीं होने देना और कब्जे हटवाना।
- अवैध होर्डिंग्स को हटवाना और नहीं लगने देना।
- अतिक्रमण को हटवाना और दोबारा अतिक्रमण नहीं होने देना।
- अवैध पार्किंग को रोकना।
- प्रतिबंधित बेडिंग जोन में बेडिंग नहीं होने देना और कार्रवाई करना।
- पॉलीथिन प्रतिबंध के लिए कार्रवाई करना।
दल के साथ रहेंगे पालिका अधिकारी
प्रवर्तन दल के साथ पालिका के जिम्मेदार अधिकारी की तैनाती की जाएगी। जो कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन दल के साथ रहेगा। साथ ही दल की मासिक समीक्षा और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। प्रवर्तन दल के सदस्यों का वेतन उनकी मासिक राजस्व वसूली के आधार पर तय होगा।
प्रवर्तन दल के गठन की प्रक्रिया से कार्रवाई में तेजी आएगी। नगर पालिका के कई काम में आसानी रहेगी। शासनादेश मिलते ही दल का गठन किया जाएगा।
- रामदत्त राम, प्रभारी ईओ