फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पार्कों का हाल बदहाल, सुंदरीकरण का कार्य ठप

विज्ञापन
पार्कों की लाइटें तोड़ी
विज्ञापन

विज्ञापन
एटा।
कूड़े के ढेर, टूटी पड़ी बाउंड्रीवाल और जलभराव। पार्कों में हरियाली नहीं बल्कि गंदगी है। न बैठने के लिए कुर्सियां हैं और न ही टहलने के लिए पथ। चारों ओर बस बदहाली और गंदगी का आलम है। पालिका की उदासीनता के चलते पार्कों का सुंदरीकरण ठप है। साथ ही मार्निंग वॉक पर जाने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि लोग पार्कों का रुख छोड़ रेलवे स्टेशन या घर के पास बने प्लॉट में मार्निंग वॉक कर रहे हैं। पढ़िए रिपोर्ट....


सुनहरी नगर पार्क
शहर के बड़े रिहायशी इलाके सुनहरी नगर में बना पार्क लोगों को मुंह चिढ़ाता है। पार्क में बदहाली का आलम यह है कि जगह-जगह ईंटों और कूड़े के ढेर लोगों की दिक्कत बढ़ाते हैं। यूं तो पार्क के जीर्णोद्धार के लिए अमृत योजना में कवायद की जानी है, लेकिन बाउंड्रीवाल कराकर पार्क के निर्माण को आए धन का बंदरबांट कर दिया गया है।
विज्ञापन



मेहता पार्क
शहर के बीचोंबीच बने मेहता पार्क (महावीर पार्क) का हाल भी बदहाल है। कूड़े के ढेरों के चलते पार्क में सन्नाटा पसरा हुआ है। आलम यह है पार्क में धूल के गुबार लोगों के लिए दिक्कत का सबब बनते हैं। पार्क की बाउंड्रीवाल टूट चुकी है। मगर अब तक पालिका ने पार्क के जीर्णोद्धार की सुध नहीं ली है। जबकि इस पार्क को भी अमृत योजना में चयनित किया गया है।

वन चेतना केंद्र
रेलवे पुल के पास बने वन चेतना केंद्र का हाल भी खराब है। नगर में चिड़ियाघर के नाम से प्रसिद्ध पार्क में जलभराव के चलते कोई जाता नहीं है। यहां लगे झूले भी टूट चुके हैं। साथ ही पार्क में लगी वीरागंना अवंतीबाई की प्रतिमा भी जर्जर हो चली है। पार्क में सुबह इक्का-दुक्का लोग पहुंचते भी हैं, लेकिन समस्याओं को देख निराश हो जाते हैं। पालिका ने पार्क के विकास को कोई सक्रियता नहीं दिखाई।


शहीद पार्क
जीटी रोड पर बने पार्क का हाल बेहद खराब है। पार्क में हाल ही में पालिका की ओर से सड़क निर्माण कराया गया, लेकिन कुछ महीनों बाद ही इंटर लाकिंग सड़क जर्जर हो गई। सिंधी कालोनी से कुछ लोग पार्क में सैर के लिए सुबह पहुंचते हैं, लेकिन समस्याएं लोगों की परेशानी बढ़ा देती हैं।


सुनहरी नगर पार्क का चयन अमृत योजना में हुआ था। कुछ दिन बाउंड्रीवाल का काम चला, लेकिन ठेकेदार काम छोड़कर चला गया। सुबह मार्निंग वॉक में दिक्कत होती है।
विज्ञापन

रामेंद्र सिंह

नगर के पार्कों का हाल पूरी तरह से खराब है। मार्निंग वॉक के दौरान सुबह-सुबह गंदगी देख परेशानी होती है। अब कालोनी में ही सैर कर लेते हैं।
शीतल दास
पार्कों के नाम पर जिले में पालिका ने कुछ भी नहीं कराया। नगर के सभी पार्क बदहाली के शिकार हैं। लोगों की दिक्कत से पालिका को कोई सरोकार नहीं है।
रंजीत वार्ष्णेय
नगर के पार्कों के विकास को पालिका ने कोई कवायद की नहीं है। सुंदरीकरण के नाम पथ आए धन का बंदरबांट हो गया। जनता की सहूलियतों को लेकर पालिका बेपरवाह है।
अमर मिश्रा
पार्कों के जीर्णोद्धार को काम किया जा रहा है। जल्द ही पार्कों का विकास कराने के लिए काम शुरू हो जाएगा।
रामदत्त राम, एएसडीएम और प्रभारी ईओ नगर पालिका



03 पार्कों का अमृत योजना में हुआ चयन
08 माह में पार्कों के सौंदर्यीकरण का होना था काम पूरा
01 साल पहले निकाले जा चुकेे हैं दो टेंडर
29.20 लाख में होगा आवास विकास पार्क में कार्य
95.96 लाख रुपए में होगा सुनहरी नगर पार्क का सौंदर्यीकरण
73.52 लाख में होंगे मेहता पार्क का सौंदर्यीकरण
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें