टूंडला। सोमवार को एससी/एसटी के भारत बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने उपद्रव करते हुए दुकानदारों से अभद्रता, मारपीट, दुकानों का सामान फेंकते हुए तोड़फोड़ और लूटपाट की थी। मामले में व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने सैकड़ों अज्ञात महिलाओं और पुरुषों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं घटना के दूसरे दिन हालात सामान्य होने से बाजार खुले। पुलिस अनहोनी से निपटने के लिए सतर्क दिखाई दी।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम में सुप्रीम कोर्ट द्घारा संशोधन करने से दलित समाज में रोष था। सोमवार को दलित समाज के कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जुलूस निकाला था। जुलूस में प्रदर्शनकारियों की दुकानें बंद कराने को लेकर दुकानदारों से झड़पें हुईं थीं। यही नहीं दुकानों को जबरन बंद कराते हुए दुकानदारों से अभद्रता, मारपीट, दुकानों में तोडफ़ोड़ के अलावा लूटपाट हुई थी।
प्रदर्शनकारियों के उपद्रव से व्यापारियों में रोष था। थाना पचोखरा पुलिस ने सोमवार को सात नामजद सहित 80 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। टूंडला में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर मंगलवार को व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने एसएसपी डॉ.मनोज कुमार से मिल कर तहरीर दी। एसएसपी के आदेश पर बंद के नाम पर दुकानदारों से मारपीट, लूटपाट और अराजकता फैलाने वाले सैकड़ों अज्ञात महिलाओं और पुरुषों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।
सोमवार को पूरे दिन उप्रदव के माहौल के बाद मंगलवार को नगर के बाजार सामान्य तरीके से खुले। रोजमर्रा की तरह लोगों ने बाजारों में खरीदारी की। हालांकि दोबार बवाल की आशंका से बाजारों में महिला ग्राहकों की संख्या कम दिखाई दी। पुलिस बल बाजार में गश्त करता दिखाई दिया। कमोवेश यही हालात पचोखरा में दिखाई दिए।
थाना पचोखरा में एससी/एसटी के भारत बंद के दौरान हुए बवाल और रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मंगलवार को पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। आरोपियों में हरवीर सिंह, राजेश कुमार उर्फ खन्ना, रक्षपाल सिंह निवासी धोबीघाट, लाइनपार टूंडला, दीपक और कालू उर्फ यशवीर सिंह निवासी नगला रति लाइनपार टूंडला, समर सिंह, मनोज कुमार, राहुल, काका, धीरज निवासी गांव पचोखरा शामिल हैं। एसओ प्रवेश कुमार ने कहा कुछ आरोपियों के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज है। कुछ और नाम प्रकाश में आए हैं। जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।