मैनपुरी। अदालत में तय तारीख पर पुलिस की गवाही नहीं होे पाने से 73 मुकदमों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। स्थानांतरण के बाद पुलिस के गवाह अदालत में गवाही देने के लिए नहीं आ रहे हैं। गवाही कराने के लिए पुलिस अधिकारियों को पत्र तक लिखे गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एक बार फिर हर हाल में गवाही कराने के लिए तैयारी की गई है।
आपराधिक मामलों में वादी के साथ ही पुलिस के लोग भी सरकारी गवाह होते हैं। कई मुकदमे तो पुलिस खुद ही लिखाती है। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेजी जाती है। जब तक मुकदमे की सुनवाई शुरू होती है तब तक अधिकांश पुलिस कर्मियों के तबादले हो जाते हैं। अदालतों में इस समय 73 मुकदमे ऐसे हैं जिनमें पुलिस के गवाह कई तारीखों से नहीं आ रहे हैं। दहेज हत्या के चार मुकदमों में तो जांच करने वाले सीओ के नहीं आने पर उनकी तैनाती वाले जिलों के संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों तक को पत्र लिखे जा चुके हैं।