एका। थाना एका के गांव नगला तुला में पांच माह पूर्व सर्पदंश से हुई मौत के बाद दफनाए गए युवक को जिलाधिकारी के आदेश पर निकाला गया। पिता ने कोर्ट के आदेश पर गांव के ही पांच लोगों के खिलाफ हत्या का अभियोग दर्ज कराया था। खोदाई में मिले शव के अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं पता चला है कि युवक की हत्या प्रेम-प्रसंग के चलते की गई थी।
थाना एका के गांव नगला तुला निवासी संदीप (23) पुत्र राधेश्याम की मौत हो गई थी। सर्पदंश के निशान देखकर परिजनों एवं ग्रामीणों ने सर्पदंश से हुई मौत मानकर उसे दफना दिया। एक माह के बाद मालूम हुआ कि संदीप को सर्प ने नहीं काटा था वरन उसकी हत्या गांव के ही कुमरपाल, बृजेश, छोटेलाल, संजय पुत्रगण रामलाल एवं योगेश पुत्र रतनलाल ने की है। पिता ने थाने में गुहार लगाई तो भगा दिया। पिता राधेश्याम ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने एवं अभियोग दर्ज कराने के लिए न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय के आदेश पर राधेश्याम ने पांचों के खिलाफ हत्या करने एवं सबूत मिटाने का अभियोग दर्ज कराया है। दर्ज कराए अभियोग में राधेश्याम ने कहा है कि आरोपी पक्ष की युवती से उसके पुत्र के संबंध थे। इसी बात को लेकर आरोपियों ने 9 सितंबर को मेरे पुत्र की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद मुझे गुमराह कर सर्पदंश से मौत की बात कहते हुए शव को दफनवा दिया। अभियोग दर्ज करने के बाद थाना प्रभारी ने जिलाधिकारी के आदेश के बाद नायब तहसीलदार अरुण कुमार की मौजूदगी में खोदवाकर शव को बाहर निकाला। एसडीएम मोहम्मद रिजवान ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर हत्या का अभियोग दर्ज होने बाद शव को निकालवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि राधेश्याम के पुत्र संदीप की मौत सितंबर के महीने में हो गई थी। एक माह बाद किसी बात को लेकर कुमरपाल, बृजेश, छोटेलाल, संजय पुत्रगण रामलाल एवं योगेश पुत्र रतनलाल पक्ष से विवाद हो गया। विवाद के बाद आरोपियों ने कहा कि एक को मार दिया है, दूसरे को भी मार देंगे। इसी बात पर संदेह कर कार्रवाई की गई है। वही पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद स्थिति साफ हो जाएगी।