एटा। उपभोक्ताओं की जागरूकता कहें या हाईटेक उपकरण तकनीक । शहरी खंड का लाइन लॉस घटने लगा है। दो वर्ष पूर्व तक एक तिहाई बिजली गंवाने वाला शहरी खंड इन दिनों 21 प्रतिशत से भी कम बिजली गंवा रहा है। गत वर्ष यह लाइन लॉस 26 प्रतिशत से अधिक था।
शहरी खंड में विद्युत चोरी पर लगाम लग रही है। उपभोक्ता एवं आपूर्ति बढ़ने के बाद भी यहां लाइन लॉस घट रहा है। तीन साल के आंकड़ों के अनुसार 2015 तक तिहाई बिजली का गंवाने वाले विभाग को इन दिनों मात्र 21 प्रतिशत बिजली चोरी का ही चूना लग रहा है। वर्ष 2016 में 26.03 प्रतिशत वाला लाइन लॉस इस वर्ष नवंबर में मात्र 20.63 प्रतिशत दर्ज किया गया है। शहरी खंड में 27239 से अधिक विद्युत उपभोक्ता हैं।
सीएफएल-एलईडी का असर
एलईडी एवं सीएफएल का बढ़ता प्रयोग ऊर्जा ही नहीं बचा रहा वरन बिजली चोरी भी कम हो रही है। ईमानदार, जागरूक उपभोक्ता विद्युत बल्वों का प्रयोग छोड़ चुके हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार शहरी खंड के तीस प्रतिशत से अधिक उपभोक्ता अब बल्व के स्थान पर एलईडी या सीएफएल का प्रयोग कर रहे हैं। ग्रामीण उपभोक्ता अभी भी जागरूक नहीं हो रहे।
शहरी खंड में किए जा रहे प्रयासों के सार्थक परिणाम मिल रहे हैं। तीस प्रतिशत तक रहने वाला लाइन लॉस गत नवंबर में 21 प्रतिशत से भी नीचे आ गया है। इससे निगम का थ्रू रेट एवं राजस्व बढ़ा है। लाइन लॉस बीस प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य आगामी वित्तीय वर्ष में प्राप्त कर लिया जाएगा।
---जगत राम, अधिशासी अभियंता शहरी खंड