बरसाना (मथुरा)। रौनक राजपूत हत्याकांड का खुलासा न होने पर रविवार को सड़कों पर आक्रोश दिखा। पूरा बाजार बंद रहा। पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन हुए। थाना घेरने जा रही भीड़ को पुलिस ने रोक लिया और तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिसकर्मियों के साथ भीड़ की तीखी नोकझोंक भी हुई। यहां पहुंचे अफसरों ने लोगों को समझाकर किसी तरह उबाल को थामा।
10 अक्तूबर को रौनक राजपूत की हत्या करके विलासगढ़ की पहाड़ियों में शव फेंक दिया गया था। इस हत्याकांड का खुलासा करने में नाकाम रही पुलिस के खिलाफ रविवार को ग्रामीणों और दुकानदारों में उबाल आ गया। विरोध में बाजार बंद कर दुकानदार और ग्रामीण थाना घेरने जा रहे थे, तभी पुलिस ने पदम फौजी, ठाकुर राजेंद और महेश ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
ग्रामीण और दुकानदारों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पंचायत करने की रणनीति बनाई, लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते ऐसा नहीं हो सका। ग्रामीणों के उबाल को एसपी देहात आदित्य शुक्ला ने थामा और आश्वस्त किया कि जल्द ही रौनक हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा। देरशाम एसडीएम गोवर्धन के यहां पेश किए तीनों नेताओं को 14 दिन को जेल भेज दिया गया।
मेरे बेटे के कातिल नहीं पकड़े तो जान दे दूंगी
बरसाना। मृतक की मां रामवती ने रोते-बिलखते हुए चेतावनी दी कि उनके बेटे के हत्यारे नहीं पकड़े जाएंगे तो वह आत्मदाह करेंगी। उन्होंने कहा कि लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी पुलिस कुछ नहीं कर रही है। हर बार कोरा आश्वासन दे दिया जाता है।
पुलिस ने मंदिर के रास्ते किए बंद
बरसाना। पुलिस ने राधारानी मंदिर जाने वाले गाड़ियों के मार्ग को बिल्कुल बंद कर दिया। रविवार को भीड़ ज्यादा होने से श्रद्धालुओं को जाम में फंसना पड़ा।
रौनक राजपूत हत्याकांड का जल्द खुलासा किया जाएगा। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- स्वप्निल ममगाई, एसएसपी मथुरा