मथुरा। जवाहरबाग में आलू की खुदाई करते वक्त उद्यान कर्मियों पर हुए हमले के मामले में गवाहों ने भीड़ में से किसी को भी पहचानने से इंकार कर दिया। गवाहों ने कहा कि वह तो केवल रामवृक्ष यादव और चंदनबोस को ही पहचानते थे।
15 मार्च 2016 को जवाहर बाग में आलू खुदाई कर रहे उद्यान विभाग के कर्मियों जवाहरबाग के कब्जाधारियों ने हमला कर दिया था। इस मामले में सोमवार को एसीजे कीएम प्रथम कोर्ट में गवाही हुई। गवाही में उद्यान विभाग के पूरन सिंह और दिनेश सहित चार की गवाही हुई।
गवाहों ने कोर्ट को बताया कि वह रामवृक्ष और चंदन के अलावा किसी को नहीं पहचानते हैं। उन्होंने कोर्ट में बताया कि हमलावरों में कोई भी महिला शामिल नहीं थी। जबकि पुलिस तीन महिला पूनम,श्यामवती और विमला को गवाह को बनाया है। अभी तक इस प्रकरण में कुल मिलाकर नौ गवाह पेश हो चुके हैं। आरोपी चंदन बोस फतेहपुर और हरनाथ नैनी जेल से कोर्ट में पेश नहीं हो सके। कोर्ट केस की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होनी है। अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी हत्याकांड में अगली तिथि छह दिसंबर रखी गई है।