पटियाली में ब्लॉक प्रमुख के पद को होने वाली खींचतान का बुधवार को पटाक्षेप हो जाएगा। कोर्ट से मिले दिशा निर्देश के बाद प्रशासन ने अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली वोटिंग के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विकास खंड परिसर में सुरक्षा के कडें इंतजाम किए हैं।
क्षेत्र पंचायत सदस्य क्षेत्रपाल सिंह ने 26 जुलाई को ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाते हुए 51 सदस्यों के हस्ताक्षर के साथ शपथ पत्र जिलाधिकारी को सौंपे थे। इस मामले में जिलाधिकारी ने 20 सितंबर की तिथि निर्धारित कर दी। ब्लॉक प्रमुख ने शपथ पत्रों को फर्जी बताया। इस मामले में न्यायालय में एक बाद भी दायर किया। न्यायालय ने थाना पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश जारी किए। ब्लॉक प्रमुख ने इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक पिटीशन दाखिल की। हाईकोर्ट ने 20 सिंतबर को होने वाले मतदान के परिणाम पर रोक लगा दी। आगे की सुनवाई के लिए 4 अक्टूबर की तिथि का निर्धारण कर दिया। हाईकोर्ट से मिले दिशा निर्देशों के आधार पर प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राजपाल का कहना है कि ब्लॉक प्रमुख के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए जो शपथ पत्र सौंपे गए हैं वे फर्जी हैं। सदन में उनके पास पूरा बहुमत है। हाईकोर्ट में पिटीसन दाखिल किया गया था। अविश्वास प्रस्ताव के लिए प्रार्थना पत्र देने वाले सदस्य क्षेत्रपाल का कहना है उन्होंने जो शपथ पत्र सौंपे हैं वे पूरी तरह से सही है। इसमें किसी भी प्रकार का फर्जी बाड़ा नहीं किया गया है। ब्लॉक प्रमुख मनमाने तरीके से कार्य कर रही हैं। उन्होंने आज तक सदस्यों की बैठक तक नहीं बुलाई। खंड विकास अधिकारी कमल कांत का कहना है कि 71 क्षेत्र पंचायत सदस्य विकास क्षेत्र में आते हैँ। सबसे पहले अविश्वास प्रस्ताव रखा जाएगा। यदि अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाता है तो फिर मतदान कराया जाएगा। मतदान का परिणाम सुरक्षित रख लिया जाएगा। अविश्वास प्रस्ताव को देखते हुए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए है।