शिकोहाबाद। एसपी ग्रामीण महेंद्र सिंह ने पिंटू राणा की मौत के मामले की जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को मौत की सूचना देने वाले का बयान दर्ज कराया गया है। साथ ही पुलिस घटना वाले दिन की वीडियोग्राफी जुटाने की कोशिश कर ही है।
रविवार शाम मौके पर पहुंचे एसपी ग्रामीण महेंद्र सिंह ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। साथ ही थानाध्यक्ष से घटना के बारे में जानकारी ली। इसके बाद सोमवार सुबह घटना की सूचना देने गुढ़ा निवासी दिव्यांग विपनेश को कार्यालय बुलाया। एसपी ग्रामीण के पेशकार अतुल पाराशर ने विपनेश से दो घंटे तक पूछताछ की और बयान दर्ज किए।
एसपी ग्रामीण घटना वाले दिन मौके पर पहुंचे लोगों, पुलिसकर्मियों, मीडियाकर्मियों से वीडियोग्राफी को जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मामले जांच की जा रही है। अन्य ग्रामीणों को भी जांच में शामिल किया जायेगा। पुलिस सूत्रों की मानें तो विपनेश ने जो बयान दर्ज कराए हैं, उसमें कहा है कि हादसे के दौरान वह अपने खेत पर मक्का सुखा रहा था। जैसे ही हादसा हुआ, उससे पांच मिनट में गढ़रौली की महिला, पुरुष और बच्चे सैकड़ों की संख्या में मौके पर पहुंच गए थे। घटना के काफी देर बाद पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को भगा दिया था। युवक के बयान से पुलिस का वह दावा खोखला हो जाता है, जिसमें पुलिस ने कहा था कि घटना के 11 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और उस समय वहां पर कोई नहीं था।
बयान से लूटपाट की शिकायत को मिला दम
मृतक पिंटू राणा की पत्नी द्वारा अंगूठी, नकदी और ब्रेसलेट गायब होने की जो सूचना दी थी, उसको विपनेश के बयान से बल मिल गया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो विपनेश के बयान से स्पष्ट होता है कि घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर ग्रामीणों ने लूटपाट की होगी। ग्रामीण क्षेत्र में भी लूटपाट की चर्चा जोरों पर है।
यह था मामला
पिंटू राणा फार्चुनर गाड़ी से 1 जुलाई को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से मेरठ अपने घर लौट रहे थे। जब वे थाना नसीरपुर क्षेत्र के गढ़रौली गांव कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें उनकी मौत हो गई थी। वहीं सहयात्री प्रदीप गर्ग और चालक दिनेश घायल हो गए। इसके बाद उनकी पत्नी शशी राणा ने इसे दुर्घटना मानने से इंकार कर दिया था। बाद में उन्होंने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की थी।