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न कचरे का निस्तारण, न किसानों को मिल रही खाद

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कूड़ा - फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। नगर पालिका के सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के संचालन में भी मनमानी हो रही है। यह खुलासा एडीएम न्यायिक के निरीक्षण में हुआ। इस प्लांट में कचरे के स्थान पर शासन के सभी कायदे कानूनों को भस्म कर उन्हें हवा में उड़ाया जा रहा है। न तो यहां कूडे़ का निस्तारण हो रहा है न ही किसानों को मुफ्त खाद ही दी जा रही है। प्रशासन संस्था के खिलाफ रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी कर रहा है।
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एडीएम न्यायिक एके सिंह ने बुधवार को पालिका के सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निरीक्षण किया था। पता चला कि प्लांट कई दिनों से बंद है। यही नहीं पूर्व में भी प्लांट के चलने के कोई सबूत नहीं मिले। न तो वहां रिकार्ड के अनुसार शहर भर से एकत्रित किया हुआ कचरा ही था। न ही कचरे के निस्तारण के बाद बनने वाला खाद ही मिली।

मौके पर मात्र चार कर्मचारी मौजूद थे। एडीएम को फर्म के ठेेेकेदार और मौजूद पालिका के कर्मचारी भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। यही नहीं कचरे के निस्तारण के बाद बना खाद किन किसानों को दी गई, इसका भी कोई रिकार्ड नहीं मिला। कर्मचारियों ने सिर्फ इतना बताया कि आठ दिन से प्लांट बंद है। इसके कारण मौके पर शहर का जितना ठोस अपशिष्ट मौजूद होना चाहिए था वह भी नहीं था।
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नगर पालिका के स्वास्थ्य लिपिक विशेष बाबू ने बताया कि अप्रैल तक प्लांट काम कर रहा था। पर, उस समय तक का भी रिकार्ड कोई नहीं दिखा सका। यही नहीं शहर से एकत्रित कचरा भी प्लांट के बाहर आबादी के पास फेंका दिखा।

एडीएम न्यायिक एके सिंह का कहना है कि सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट पिछले कई दिनों से बंद है। इसके पूर्व में भी संचालित होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। ठेकेदार फर्म एकार्ड हाइड्रोएयर अनुबंध की शर्तों का खुलेआम उल्लंघन कर रही है। यहां तक की प्लांट की मशीनें तक नहीं चल रही हैं। इस संबंध में रिपोर्ट बनाकर डीएम को दे दी गई है।

पालिकाध्यक्ष साधना गुप्ता का कहना है कि शहर भर से एकत्रित कूड़ा प्रतिदिन सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए भेजा जा रहा है। उक्त प्लांट का संचालन लखनऊ की एक कंपनी कर रही है। अप्रैल में निरीक्षण किया था तब सब कुछ सही था। उसके बाद कई बार शिकायतें मिलीं। इस पर फर्म संचालक को नोटिस भेजे गए, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
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