एटा। किन्नर गुरु की हत्या और लूटकांड का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा कर दिया है। पुलिस नेे मृतक किन्नर राधा रानी पंडित के साथी किन्नर समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर 1.70 लाख रुपये की नकदी, अस्सी ग्राम सोने के आभूषण और वारदात में इस्तेमाल स्कोर्पियो को बरामद कर लिया।
चित्रगुप्त कालोनी निवासी किन्नर गुरु राधारानी पंडित की लूटपाट के बाद हत्या कर दी गई थी। घटना का खुलासा करते हुए एएसपी संजय कुमार ने बताया कि नगर पुलिस और स्वाट टीम ने किन्नर गुरु की हत्या करने के आरोपियों किन्नर शीतल, कर्ण उर्फ वेदप्रकाश निवासी गंगनपुर, बोहरे उर्फ सुनील निवासी खेरिया थाना सकीट, पप्पू उर्फ धर्मवीर उर्फ धर्र्मेंद्र निवासी कुआडोंडा थाना गंजडुंडवारा कासगंज को पकड़ लिया। हालांकि दो आरोपी मुनीश और अमित निवासी निधौलीकलां भागने में सफल हो गए। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि किन्नर शीतल ने बताया था कि गुरु राधारानी उसके कमाए रुपयों में से हिस्सा लेती है और उसके पास लाखों रुपये और आभूषण हैं। इसके बाद बदमाश किन्नर गुरु के घर पहुंचे और हाथपांव बांधकर हत्या कर लूटपाट की। एएसपी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से एक लाख सत्तर हजार रुपये की नकदी और अस्सी ग्राम सोना और स्कॉर्पियो कार मिली है। आरोपियों ने वारदात के बाद किन्नर के घर पीछे के रास्ते से भागने की बात कबूली है। एसएसपी अखिलेश चौरसिया ने पुलिस टीम को स्वयं और डीआईजी स्तर से पंद्रह हजार इनाम देने की घोषणा की है।
किन्नर खुलासे मे स्वाट टीम की कमाई
एटा। चित्रगुप्त कालोनी में किन्नर गुरु हत्याकांड स्वाट टीम के लिए कमाई का जरिया बन गया। खुलासा होने से दो दिन पहले स्वाट टीम ने दिल्ली और अलीगढ़ पहुंचकर लूट का सोना खरीदने वाले सराफा व्यापारियाें को पकड़ा और छोड़ दिया। सूत्रों का दावा है कि स्वाट टीम ने मोटी रकम लेकर दिल्ली और अलीगढ़ के व्यापारियों को छोड़ा। वहीं एक दरोगा पर किन्नर से एलईडी, बैड और गद्दे खरीदवाने के आरोप हैं।
तलाशी में मिले जेवरात नहीं लौटाए
किन्नर गुरु की हत्या के बाद पुलिस और लोग किन्नर शीतल पर शक जाहिर करने लगे थे। कोतवाली नगर पुलिस ने वारदात के तीसरे दिन शीतल के घर चांदपुर में तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान पुलिस को आठ हजार रुपये की नकदी और आभूषण मिले थे। आभूषण घर की महिलाओं के थे। तलाशी के बाद मिले आभूषण और नकदी को पुलिस ने लौटाया नहीं है। किन्नर शीतल के भाई श्रीचंद ने बताया कि तलाशी के बाद जेवरात पुलिस ने एक या दो दिन लौटाने को कहा था, लेकिन लौटाए नहीं। ऐसे में लोगाें को शक है कि किन्नर के घर तलाशी में मिले जेवरात को पुलिस ने बरामदगी में न दिखा दिया हो।
कपड़े में बंद थे जेवरात
एटा। अब तक पुलिस के खुलासे और बरामद होने वाले सामान को प्लास्टिक के डिब्बों में रखकर दिखाया जाता था। लेकिन गुरुवार को खुलासे में पुलिस ने बरामद जेवरात अपारदर्शी कपड़े में दिखाए। ऐसे में लोगों को शीतल के घर से मिले आभूषण शामिल करने का शक और मजबूत हो गया है।