कासगंज। जनपद में स्कूलों में कार्यरत 202 शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग के रडार पर आ गए हैं। इन शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो गई। वर्ष 2011 में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की शासन के निर्देश पर जांच की जा रही है।जिले में शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े का जिन्न एक बार फिर से बाहर निकल आया है। जनपद के 202 शिक्षक विभाग के रडार पर आ गए है। शिक्षा विभाग ने वर्ष 2011 से वर्ष 2013 तक नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के आवश्यक प्रपत्र दिसंबर माह में मांगे थे। इनमें से 2011 में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की पहले जांच होनी है। प्रदेश के अन्य जनपदों में शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े के मामले सामने आने के बाद प्रदेश सरकार एक बार फिर से सख्त हो गई है। सरकार से फिर से शिक्षक भर्ती की जांच शुरू कराई गई है। इसमें जिले के शिक्षकों को भी शामिल किया गया है। इन शिक्षकों के नियुक्ति प्रमाणपत्र, शैक्षिक प्रमाणपत्र सहित अन्य प्रमाण पत्र जमा करवाए गए। प्रमाणपत्र जमा होने के बाद अब इनके सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रमाणपत्रों को संबंधित बाेर्ड व विश्वविद्यालय को भेजकर जांच कराई जा रही है। जांच में यदि प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए तो फिर इन पर कार्रवाई तय है।