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इन शिक्षकों ने बदल दी स्कूलों की तस्वीर, शिक्षा देने के साथ पढ़ाया अनुशासन का पाठ

Tue, 03 Sep 2019 10:22 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
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शिक्षक - फोटो : अमर उजाला
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समाज में शिक्षक की भूमिका अहम है। शिक्षक के ही कंधों पर शिष्य का भविष्य रहता है। बिना शिक्षक के शिक्षित समाज की कल्पना संभव नहीं है। समाज में आ रहे बदलाव के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलाव हो रहे हैं। 
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इस बीच ऐसे शिक्षक नजीर हैं, जिनके लिए छात्र के भविष्य से बढ़कर कुछ नहीं है। इनका उद्देश्य छात्र को बेहतर से बेहतर शिक्षा देना और उन्हें अनुशासन का पाठ पढ़ाना है। शायद इसीलिए इन शिक्षकों की समाज में अलग पहचान है। 

पढ़ाया अनुशासन का पाठ

मैनपुरी के जनता इंटर कॉलेज नौनेर पढ़ाई से ज्यादा लड़ाई झगड़े होते थे। यहां आए दिन छात्रों के बीच गुटबाजी के चलते कुछ न कुछ होता रहता था। इसका नतीजा यह हुआ कि विद्यालय को बोर्ड परीक्षा से भी डिबार कर दिया गया। 
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सितंबर 2018 में प्रधानाचार्य के रूप में मयंक यादव ने कार्यभार संभाला तो विद्यालय की दशा और दिशा दोनों ही बदलने लगीं। उनकी सख्ती से विद्यालय का माहौल बदला। अब यहां लड़ाई झगड़े नहीं बल्कि पढ़ाई होती है। 

पढ़ाई का स्तर सुधरा और जिला प्रशासन ने जनता इंटर करलेज नौनेर को 2018 की बोर्ड परीक्षा में परीक्षा केंद्र बना दिया। मयंक यादव ने अपने साथी शिक्षकों की मदद से यहां नकल विहीन परीक्षा कराई। कॉलेज में नौ सौ के करीब छात्र हैं। 

नकल का खेल किया खत्म 

प्रधानचार्य शिवचरन सिंह के 2011 में सेवानिवृत्त होने के बाद शिक्षा सदन इंटर कॉलेज कुचेला नकल के लिए बदनाम हो गया। नतीजा यह हुआ कि यहां वर्ष 2012 की बोर्ड परीक्षा के दौरान निरीक्षण के लिए पहुंचे सचलदल पर ही पथराव कर दिया गया था। 
 
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स्कूल परिसर में पीटी करते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद बीच परीक्षा से ही केंद्र को हटाकर आदर्श राष्ट्रीय इंटर कॉलेज देवी रोड पर लाया गया। 31 मार्च 2017 को यहां राजभान सिंह चौहान प्रधानाचार्य बने तो कॉलेज की खोई हुए पहचान फिर से लौट आई। यहां शिक्षा का माहौल पैदा हुआ और जिला प्रशासन ने वर्ष 2018 की बोर्ड परीक्षा में फिर से शिक्षा सदन इंटर कॉलेज कुचेला को परीक्षा केंद्र बना दिया। 

राजभान सिंह चौहान की देखरेख में वर्ष 2018 ही नहीं वर्ष 2019 की परीक्षा नकलविहीन कराई गई। ग्रामीण अंचल में स्थित शिक्षा सदन इंटर कॉलेज में वर्तमान में चार सौ छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

बदली स्कूल की तस्वीर

विकास खंड सुल्तानगंज का प्राथमिक विद्यालय रजवाना आज हाईटेक बन चुका है। बच्चे प्रोजेक्टर से पढ़ते हैं तो वहीं कॉन्वेंट स्कूल की तरह ड्रेसअप दिखते हैं, लेकिन ये स्कूल हमेशा ऐसा नहीं ता। यह बदलाव शिक्षक मोहम्मद इशरत अली की मेहनत से आया। वर्ष 2012 में तैनाती के बाद से उन्होंने विद्यालय की सूरत बदल दी। इस स्कूल को मुख्यमंत्री से भी पुरस्कार मिल चुका है। 
 
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