झिलमिलाती तीर्थनगरी, जगमगा उठे हरिपदी के घाट
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कासगंज। भगवान वराह की भूमि तीर्थनगरी सोरों झिलमिलाती हुई मनमोहक हो गई है। हरिपदी के घाट जगमग होकर बैकुंठ धाम का आभास करा रहे हैं। शाम होते ही सोरों की सुंदरता लुभाने लगती है। वहीं आश्रमों में साधुओं की रजधूल उड़ रही है। विभिन्न शहरों से साधु संत तुलसीनगरी में डेरा जमा चुके हैं। मार्गशीर्ष माह के अमृत कुंभ में वेद विद्वानों के ज्ञान की वर्षा हो रही है।
मार्गशीर्ष माह में ज्ञान की अमृत वर्षा होती है। इन दिनों तीर्थनगरी की आभा मनमोहक हो गई है। झिलमिल झालरों से शाम होते ही हरिपदी के घाट और मेला परिसर जगमग हो उठता है। काशी और अयोध्या की झलक तुलसीनगरी में दिखाई देती है। भगवान वराह के मोक्ष माह मार्गशीर्ष में श्रद्धालुओं के साथ साथ वेद विद्वान, साधु-संतों की भी भीड़ उमड़ी है। सोरों में सोहम आश्रम, नागालैंड आश्रम, टाटिया बाबा आश्रम, भूतनाथ आश्रम सहित 20 आश्रम हैं। सुबह हरिपदी के घाट पर स्नान के दौरान साधुओं का संगम आकर्षण का केंद्र होता है। विधि विधानपूर्वक सूर्य को अर्घ्य देने के बाद साधु संत हर हर गंगे स्वर के साथ गंगा में स्नान करते हैं। दोपहर से लेकर रात तक साधु आश्रमों में प्रवचनों की अमृत वर्षा होती है।
यहां से आए साधुु
कासगंज। सोरों नगरी में अयोध्या, प्रयागराज, दिल्ली, राजस्थान, हरिद्वार सहित देश के कोने कोने से साधु आए हैं। प्रदेश के तमाम जिलों के साधुओं ने कासगंज में डेरा जमाया है। टाटिया आश्रम के टाटिया बाबा ने बताया कि आश्रम पर साधु संतों की भीड़ उमड़ रही है। आश्रम में साधुओं के रहन सहन और खान पान की व्यवस्था जुटाई गई है।
आज उमड़ेंगे श्रद्घालु
कासगंज। आज पूर्णिमा पर सोरों मेले में श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ेगी। हरिपदी के घाट पर श्रद्धालु गंगास्नान करेंगे। इसके बाद मेले का आनंद उठाएंगे। स्नान को लेकर कस्बे में तैयारियां की गई हैं।
- सोरों में आकर्षक सजावट कराई गई है। पालिका द्वारा पूरी तीर्थनगरी में व्यवस्थाएं जुटाई गईं हैं। इन मार्गों में साधु आश्रम हैं और प्रकाश की व्यवस्था की गई है। पालिका के सफाई कर्मी सफाई कार्य को पहुंच रहे हैं।
संतराम सरोज, अधिशासी अधिकारी।