मैनपुरी। एक साल बाद भी पालिका के हालातों में कोई सुधार नहीं हुआ है। एक तरफ जहां पालिका के नए वार्डों के लोग अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। वहीं, पुराने वार्डों के पिछड़े इलाकों में भी कोई विकास कार्य नहीं कराया गया है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पालिका की नई सरकार का एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन नगर के हालात जस के तस ही हैं। नगर के हालातों में कोई सुधार नहीं हुए हैं। नगर पालिका में पहलीबार सात वार्ड शामिल हुए। इसमें संसारपुर, शीतलाधाम, धारऊ, मधाऊ, खरपरी, नगरिया, नगला रते शामिल हैं। एक साल पहले जब नगर पालिका की नई सरकार बनी थी। तब इन वार्डों के लोगों ने उम्मीद जताई थी कि उन लोगों के दिन भी बहुरेंगे, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद उनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
नए वार्डों में कोई भी कार्य प्रमुखता से नहीं किया गया है। नए वार्डों में पानी, जलभराव, बिजली, नाली, सड़क आदि की समस्याएं पहले जैसी ही हैं। वहीं, पुराने वार्ड के जो पिछड़े इलाके थे, वहां भी किसी प्रकार का विकास नहीं हुआ है। नगला निरंजन जैसे इलाकों में समस्याएं पहले जैसी ही हैं। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लोग बोले-
नगर पालिका की नई सरकार बनी तब उम्मीद पैदा हुई थी कि वार्ड में विकास होगा। वार्ड की समस्याओं का निराकरण होगा, लेकिन एक साल बाद स्थिति पहले जैसी ही है। पालिका को इस तरफ ध्यान देना होगा।
संजीव कुमार
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मनोरमा देवी जब पालिकाध्यक्ष बनीं तो उम्मीद हुई थी कि नगला निरंजन वार्ड में विकास किया जाएगा। चुनाव के दौरान उन्होंने लोगों को विकास का भरोसा दिया था। लेकिन एक साल में वे वार्ड के लोगों की समस्याओं को सुनने तक नहीं आईं।
रमेश चंद्र
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नगर पालिकाध्यक्ष बनने से पहले सभी प्रत्याशी विकास का भरोसा देते हैं लेकिन जब कुर्सी मिल जाती है तो जनता की पीड़ा को भूल जाते हैं। मोहल्ले के विकास कार्य की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है लोग परेशान हो रहे हैं।
राजीव कुमार
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मोहल्ले की गलियां कच्ची हैं। नालियां न होने के कारण मोहल्ले में पानी भरा रहता है। नगर पालिका में कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे समस्याएं और बढ़ती जा रही हैं।
मोहित कुमार
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क्या कहते हैं नए वार्ड संसारपुर के लोग
मोहल्ले के लोगों ने सोचा था कि अब वे लोग नगर पालिका में शामिल हो गए हैं। निश्चित ही उनके मोहल्ले की भी दशा बदलेगी। लेकिन नगर पालिका की नई सरकार ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण समस्याएं पहले जैसी ही बनी हुई हैं।
विनय दीक्षित
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लग ही नहीं रहा है कि उनका मोहल्ला नगर पालिका में शामिल है। जब ग्राम पंचायत में था तो प्रधान से कुछ कहसुनकर समस्याओं को निपटा लिया जाता था। लेकिन अब तो पालिाध्यक्ष से मिलना भी मुश्किल हो गया है।
रोहित कुमार
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मोहल्ले के लोगों ने सोचा था कि नगर पालिका में उनका मोहल्ला शामिल हुआ है तो हर प्रकार की सुविधाएं होंगी। पानी, सड़क, जलभराव आदि की समस्याओं से निजात मिलेगी। लेकिन नगर के हालात पहले से भी बदतर होते जा रहे हैं।
बबलू
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नगर पालिका में मोहल्ला तो शामिल हो गया। लेकिन हालात ग्राम पंचायत से भी बदतर हैं। नगर पालिका को वार्ड की समस्याओं की तरफ ध्यान देने तथा विकास कार्य कराने की जरूरत है। यदि शीघ्र विकास कार्य नहीं हुए तो लोगों के साथ नगर पालिका में प्रदर्शन किया जाएगा।
शिशुपाल