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दिखावटी कार्रवाईयों से झोलाछापों के हौसले बुलंद

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दिखावटी कार्रवाईयों से झोलाछापों के हौसले बुलंद - फोटो : अमर उजाला
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एटा। छापे दर छापे, रोज अवैध क्लीनिक और नर्सिंग होम का भंडाफोड़ लेकिन दोषी भी फिर भी बेफिक्र। नोटिसों और हिदायतों से लोगों की जिंदगी को बचाने की कवायद फेल नजर आ रही है। न तो झोलाछाप मान रहे हैं और न ही नर्सिंग होम बंद हो रहे हैं। दिखावटी कार्रवाईयों से झोलाछापों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। इन दिनों जिले में झोलाछापों के खिलाफ चल रही कार्रवाइयां महज कोरम पूरा करने तक सिमटकर रह गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम की दौड़ झोलाछापों में खौफ पैदा नहीं कर पा रही है।
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जिले में बीते सप्ताह में लगातार झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाइयों का दौर चल रहा है। एसीएमओ डा. चंद्रशेखर शर्मा के नेतृत्व में विभाग की टीम झोलाछापों पर अंकुश लगाने की कवायद कर रही है। कई जगहों पर अवैध प्रसव और अवैध रूप से क्लीनिक चलते मिले हैं। मगर एसीएमओ के हाथों में पड़ी अधिकारों की जंजीर सारी कवायद पर पानी फेर रही है। दरअसल, एसीएमओ को छापेमारी के दौरान अवैध क्लीनिक और नर्सिंग होम को सीज करने का अधिकार नहीं है। वह केवल नोटिस देकर झोलाछाप को हिदायत दे लौट आते हैं। कार्रवाई के दौरान सीज करने के लिए किसी मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी का होना आवश्यक होता है, लेकिन जिला प्रशासन पूरी तरह से मौन साधे है। डीएम स्तर से कोई पहल नहीं होने से झोलाछापों के हौसले बुलंद पर अंकुश लगाने में विभाग नाकाम है।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी नहीं हो रही गिरफ्तारी
जिले में पिछले दिनों मिले अवैध क्लीनिकों और नर्सिंग होम संचालकों के खिलाफ एसीएमओ ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। मगर अब तक पुलिस ने एक भी झोलाछाप की गिरफ्तारी नहीं की है। ऐसे में झोलाछापों में विभाग की कार्रवाई का कोई डर नहीं है।
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जनप्रतिनिधियों की सिफारिशें
कार्रवाई के बाद जनप्रतिनिधियों की सिफारिशें भी कार्रवाई में बाधा बन रही हैं। बड़े स्तर पर विधायकों और भाजपा नेताओं की पैरवी के चलते विभाग भी शांत हो जाता है।
इनका कहना है
झोलाछापों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस दौरान नोटिस दिए जा रहे हैं और रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। हमें अवैध क्लीनिक और नर्सिंग होम को सीज करने का अधिकार नहीं है। ऐसे में आरोपी को हिदायत देकर छोड़ना पड़ता है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी पुलिस का काम है। पुलिस गिरफ्तारी करना शुरू करे, तो झोलाछापों में भय व्याप्त होगा।
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डा. चंद्रशेखर शर्मा, एसीएमओ
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