गोवर्धन (मथुरा)। परिक्रमा मार्ग के संरक्षण एवं रख रखाव के मामले में एनजीटी न्यायालय ने रुद्र कुंड, संकर्षण कुंड एवं ऋणमोचन कुंड पर प्रशासन को गऊघाट बनाने के आदेश दिए हैं। गिरिराज जी की परिक्रमा को लेकर अब रोजाना सुनवाई हो रही है।
इसमें राजस्थान एवं यूपी की ओर से प्रशासन, वन विभाग व पीडब्ल्यूडी के अधिकारी पहुंच रहे हैं। तीन कुंडों के मामले में निजी संस्था द ब्रज फाउंडेशन की भी एनजीटी में सुनवाई की जा रही है। एनजीटी न्यायालय में जज रघुवेंद्र एस राठौर की अध्यक्षता में मथुरा प्रशासन के लिए तीनों कुंडों पर गऊघाट बनाने के आदेश दिए हैं।
याचिकाकर्ता कृष्णा सर्किट के चेयरमैन सत्यप्रकाश मंगल ने बताया कि न्यायालय की ओर से स्पष्ट कहा है कि कुंड में पक्षियों का विचरण होना चाहिए। इसके लिए कुंड के चारों ओर लगाए गए तारों को हटाया जाए। दानदाताओं के नाम स्थाई रूप से हटा दिए जाएं। काफी समय से लंबित चल रहे सर्विस व रिंग रोड का प्रशासन से ब्यौरा मांगा है।
इसमें न्यायालय ने पूछा है कि देरी क्यों हो रही है? अगर कोई बदलाव है तो तत्काल कर योजना को क्रियान्वित किया जाए। वहीं राजस्थान प्रशासन से कहा कि पूंछरी में गिरिराज जी के स्वरूप को खराब करने वाली उन इमारतों को हटाया जाए जो कि बिना अनुमति के बना दी गई हैं। ऐसे निर्माणों को ध्वस्त किया जाए। वन विभाग से राजस्थान सीमा के स्वरूप को हरियाली युक्त बनाने को कहा है।