मथुरा। सहायक अध्यापकों की नियुक्ति में घपले के बाद अब जनपद में पदोन्नति को लेकर भी ऐसी ही सुगबुगाहट शुरू हो गई है। चुपके से चल रही इस प्रक्रिया में अब तक रिक्त पदों की सूची भी जारी नहीं की गई है। इस पर जिला पदोन्नति समिति ने चिंता जताई है।
जनपद में 216 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति में विभागीय कार्यप्रणाली पूरी तरह से संदेश के घेरे में है। बाहरी जनपदों के शिक्षकों को मथुरा का दर्शा कर नियुक्तियां दे दी गईं। अंकपत्रों में हेराफेरी को भी नजरंदाज किया गया। बीएसए कार्यालय में बैठकर इस कारनामे को अंजाम देने वालों पर विभागीय अधिकारी पूरी तरह से मेहरबान हैं।
अब कुछ इसी तरह से आनन-फानन में सहायक अध्यापकों की पदोन्नति में भी बड़ा खेल करने की तैयारी है। अब तक विभागीय अधिकारियों ने रिक्त पदों की सूची भी तैयार नहीं की है, जिसमें पदोन्नत होने वाले शिक्षकों को तैनाती का अवसर मिलेगा। इतना ही नहीं चार माह पहले तैयार की गई ज्येष्ठता सूची को ही अब प्रभावी किया जा रहा है।
इसमें तीन साल पहले पदोन्नति छोड़ चुके शिक्षकों को मौका नहीं दिया जा रहा है। इससे तमाम शिक्षक परेशान हैं। मंगलवार को जिला पदोन्नति समिति की बैठक हुई है। इसमें भी रिक्त पदों की स्थिति अब तक स्पष्ट न होने पर चिंता जताई। डायट प्राचार्य डॉ. मुकेश अग्रवाल ने रिक्त पदों की सूची सार्वजनिक करने और पदोन्नति के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश बीएसए को दिए हैं।