कासगंज। सहावर में डकैती की घटना के बाद पुलिस के खिलाफ पनपे आक्रोश ने कुछ ही देर में उपद्रव की शक्ल ले ली। विधायक के पहुंचने के बाद लोग और उग्र हो गए। लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। ऐसे में पुलिस को लोगों को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले और हवाई फायरिंग करनी पड़ी।
पथराव में कई पुलिसकर्मी चोटिल हुए तो पुलिस की लाठियों से भी कई लोग चोटिल हो गए। डकैती की वारदात के बाद पुलिस के खिलाफ आक्रोशित लोगों ने शुक्रवार सुबह लगभग सात बजे कस्बे के मैन चौराहे पर तीनों मृतकों के शवों को रखकर जाम लगा दिया।
आक्रोशित लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इसके बाद तकरीबन नौ बजे लोगों की भीड़ में से किसी ने पुलिस पर पत्थर फेंक दिया। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जानकारी पर अमांपुर विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख विजेंद्र सिंह गौर पहुंचे तो लोग और अधिक आक्रोशित हो गए।
आक्रोशित ने विधायक से वापस जाने को कहा लेकिन विधायक ने लोगों को समझा बुझाकर शांत करने का प्रयास किया। वे लोगों से वार्ता करने के लिए लोगों के बीच चले गए। आक्रोशित लोगों ने कस्बे के ही डा. पवन साहू पर हमला बोल दिया।
उनके साथ मारपीट की गई। आक्रोशित लोगों का आरोप था कि वे बिना वजह पुलिस की नेतागिरी कर रहे हैं। किसी प्रकार पुलिस कर्मियों ने डाक्टर को बचाया। इसके बाद बवाल बढ़ता चला गया। लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। विधायक और ब्लॉक प्रमुख भागने की कोशिश में गिर गए।
इसके बाद उन्होंने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठियां भांजते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद फायरिंग शुरू हो गई। लगभग आधे घंटे तक पथराव और फायरिंग की गई। कई राउंड फायर किए गए।
पथराव की घटना में कासगंज कोतवाली प्रभारी एके सिंह, सिपाही बलवीर, संजीव सहित कई अन्य पुलिसकर्मी चुटैल हो गए। वहीं पुलिस की लाठियां लगने से नन्हें, यादवेंद्र वार्ष्णेय सहित कई अन्य लोग घायल हुए। इसके बाद पुलिस ने चौक पर कब्जा कर लिया।
डीएम आरपी सिंह, डीआईजी पीयूष कुमार श्रीवास्तव, एएसपी पवित्र मोहन त्रिपाठी मौके पर आ गए। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद ही उपद्रव शांत हुआ।