मथुरा। पिछले दिनों बरसात के साथ हुई ओलावृष्टि में हजारों बोरा गेहूं भीग गया था। इससे भारी नुकसान हुआ। अभी भी गेहूं खुले में ही पड़ा है। जबकि मौसम खराब होने की चेतावनी मौसम विभाग लगातार दे रहा है।
जनपद में किसानों का गेहूं खरीदने के लिए 51 हजार 300 मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है। इसके सापेक्ष अब तक 27 हजार 629 मीट्रिक टन गेहूं खरीद लिया गया है, जो लक्ष्य का 53 प्रतिशत है, लेकिन खरीदे गए गेहूं को सुरक्षित भंडारण का इंतजाम अफसर नहीं करा पा रहे हैं।
रोजाना 20 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं खरीद का लक्ष्य है, लेकिन 11 अप्रैल को हुई ओलावृष्टि व बरसात के बाद से इसका औसत पांच से सात हजार क्विंटल रह गया है। खरीदे गए गेहूं को एफसीआई गोदाम व वेयर हाउस में रखने के इंतजाम अफसर नहीं कर पा रहे हैं, इसके चलते 13 हजार मीट्रिक टन खरीदा गया गेहूं खुले आसमान के नींचे पड़ा है।
वहीं, पल्लेदारों और बोरों की कमी के चलते गेहूं खरीद भी नहीं हो पा रही। खाद्य विपणन अधिकारी राजेश्वर सिंह ने बताया कि खरीदे गए गेहूं के भंडारण की समस्या से अफसरों को अवगत कराया है। इसे लेकर गेहूं खरीद के नोडल अधिकारी एडीएम वित्त द्वारा पत्राचार किया है।