फिरोजाबाद। विद्युत विभाग द्वारा सैकड़ों की मीटर की कराई जा रही जांच फाइलों में दब कर रह गई है। मीटर में हजारों की रीडिंग स्टोर है। कारगुजारी में विभागीय कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आ रही है। ऐसी स्थिति में विभाग बिजली चोरी में संलिप्त कर्मचारियों को बचाने का प्रयास कर रहा है।
सुहागनगरी में धड़ल्ले से बिजली चोरी हो रही है। प्राइवेट कपंनियों में तैनात कर्मचारियों ने विद्युत मीटर में गड़बड़ी कर उन्हें बंद कर दिए। इसके चलते उनमें रीडिंग स्टोर होती रही। मीटर में गड़बड़ी का खेल सालों से चल रहा था। अधीक्षण अभियंता ने कर्मचारियों की कारगुजारी पकड़ ली। मीटर में हजारों की रीडिंग स्टोर होने की सूचना पर विभाग ने 500 से अधिक मीटर उतरवाए गए। विद्युत विभाग में मीटर जांच की व्यवस्था नहीं होने पर मीटर जांच के लिए कंपनी भेजे। कंपनी ने दो बार में करीब तीन दर्जन मीटर की रिपोर्ट दी तो विभागीय कर्मचारियों का खेल खुलकर सामने आ गया।
विद्युत विभाग में तैनात प्राइवेट कर्मचारियों की कारगुजारी सामने आने पर जब कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू की तो प्राइवेट कर्मचारियों ने मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल कर दबाव बनाया, लेकिन इसका अधीक्षण अभियंता पर कोई असर नहीं हुआ तो प्राइवेट कर्मियों ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर कंपनी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इससे कंपनी ने महीनों बाद मीटर की जांच रिपोर्ट विभाग को नहीं सौंपी है। ऐसे स्थिति में मीटरों की जांच ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है।
विद्युत विभाग ने डोर-टू-डोर बिलिंग के लिए प्राइवेट कंपनी के जरिए मीटर रीडर तैनात किए हैं। कंपनी इन कर्मचारियों को निर्धारित से कम वेतन दिया जाता है। यही कारण है कि मीटर रीडर के रूप में तैनात प्राइवेट कर्मचारी अवैध वसूली के लिए मीटर में गड़बड़ी करने से नहीं हिचकते। मीटर रीडर द्वारा गड़बड़ी की शिकायत पर विभाग ने कई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद भी प्राइवेट कर्मचारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे।
विद्युत विभाग की लेबर कालोनी स्थित कार्यालय पर मीटर विभाग की अलग डिवीजन हैं। कहने को भले ही मीटर विभाग में एक्सईएन और सहायक अभियंता तैनात हैं। मीटर विभाग में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो मीटर में गड़बड़ी करने में माहिर हैं। ये कर्मचारी ठेकेदारों की मिलीभगत से बिजली चोरी कराने के नाम पर महीनेदारी वसूलते हैं। विभागीय अफसर इससे पूरी तरह अनजान बने रहते हैं।