एटा। जीवन के लिए जरूरी जल जानलेवा होता जा रहा है। जिले के सात गांवों मेें पानी में बढ़ी फ्लोराइड की मात्रा ने बीमारियों का खतरा पैदा हो रहा है। गांवों में सर्वे के बाद पानी मेें फ्लोराइड मानक से अधिक मात्रा में पाया गया है। ऐसे में हड्डी के साथ गैस्ट्रिक कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। पिछले वर्ष गांवों में शुद्ध पानी की व्यवस्था कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन स्वीकृति के बाद भी अभी तक धनराशि आवंटित नहीं हुई है।
जानकारों की मानें तो प्रति लीटर भूगर्भ जल में फ्लोराइड की मात्रा 1.5 मिलीग्राम से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे ज्यादा मात्रा होने पर बीमारियों का खतरा मंडराने लगता है। साथ ही इन तत्वों की अधिकता पर जल प्रदूषित श्रेणी में माना जाता है। जिले के सात गांवों में पानी फ्लोराइड से प्रभावित है। आलम यह है पानी में फ्लोराइड की मात्रा मानक के दोगुने 3.0 मिलीग्राम तक पहुंच गई है। ऐसे में ग्रामीणों की दांत और हड्डियां समय से पहले गल रही हैं। इन गांवों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने शासन को प्रतिनिधियों के माध्यम से पिछले साल में प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद प्रस्ताव तो सभी गांवों के पास हो गए लेकिन पैसा कोसमा गांव के लिए ही आया था। कोसमा में पानी की टंकी बन चुकी हैं और पानी की सप्लाई में चालू हो गई है। मगर अभी तक छह गांवों की जनता संक्रमित पानी पीने को ही मजबूर है।
इन गांवों में मंडराया खतरा
जलेसर और अवागढ़ ब्लॉक के गांव नगला अन्नी, विशनीपुर, गुदाऊ, अवागढ़ देहात, बावसा, मिसौली व कोसमा में पानी में फ्लोराइड पाया गया है।
ये होती हैं बीमारियां
पानी में फ्लोराइड की अधिक मात्रा होने से दांतों और हड्डियों की समस्या होती है। दांत पीले पडने लगते हैं और हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। दंत रोग विशेषज्ञ डा. आशुतोष यादव कहते हैं कि फ्लोराइड की मात्रा अधिक सेहत के लिए नुकसानदेह है। इससे दांतों और हड्डियों की समस्या अधिक होती है। ठंडा गरम पानी दांतों में लगता है। साथ ही व्यक्ति को फ्लोरेसिस भी हो जाता है। हड्डियां कमजोर और पेट संबंधी बीमारियां हो जाती है।
ऐसे करें पहचान
ग्लास व बर्तन में कुछ देर पानी रखने के बाद उसमें सफेद सी परत का जम जाने से फ्लोराइड का पता चलता है।
इनका कहना है,
जिले के सात गांवों में पानी में फ्लोराइड की मात्रा पाई गई है। इसके लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। जल्द की शुद्ध जल की सुविधा ग्रामीणों को मुहैया कराई जाएगी।
संचय शुक्ला, सहायक अभियंता, जल निगम