वृंदावन (मथुरा)। छटीकरा मार्ग स्थित प्रेम मंदिर का छठवां वार्षिकोत्सव रविवार को विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य धूमधाम से मनाया गया। मंदिर में भगवान राधाकृष्ण और सीताराम के श्रीविग्रहों का अभिषेक वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य हुआ।
जगद्गुरु कृपालु परिषद की अध्यक्ष डॉ. विशाखा त्रिपाठी, डॉ. श्यामा त्रिपाठी और डॉ. कृष्णा त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से भगवान के श्रीविग्रहों का पंचामृत से महाभिषेक किया। इसके बाद अखंड हरिनाम संकीर्तन एवं राधानाम जप हुआ। देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से वार्षिकोत्सव में भाग लिया। दोपहर में ठाकुर जी को विशेष भोग अर्पित करने के साथ महाआरती की गई। सायंकाल ब्रज की होली लीला का मंचन कलाकारों द्वारा किया गया। जगद्गुरु कृपालु परिषत के पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं संग फूलों की होली खेली।
अध्यक्ष डॉ. विशाखा त्रिपाठी ने बताया कि 17 फरवरी 2012 को प्रेम मंदिर का निर्माण करा जगद्गुरु कृपालु जी महाराज ने ब्रज की भक्ति, अध्यात्म क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ा। उन्होंने बताया कि 1000 शिल्पकारों व वास्तुकारों के 11 वर्ष के अथक परिश्रम के उपरांत प्रेम मंदिर का निर्माण पूरा हो सका।
जगद्गुरु कृपालु महाराज ने प्रेम मंदिर के रूप में संसार को एक अनमोल रत्न प्रदान किया। इसका महत्व केवल रसिक महापुरुष भक्तजन ही जान सकते हैं। प्रेम मंदिर संसार को दिव्य भगवत के प्रेम का संदेश देता रहेगा।