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अफसरों के सामने इस बात पर किसान ने दी आत्महत्या की धमकी

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आगरा। विकास भवन में बुधवार को आयोजित किसान दिवस में जिलास्तरीय अधिकारियों की गैरमौजूदगी से गुस्साए किसानों ने जमकर हंगामा किया। जिला कृषि अधिकारी पर शिकायती पत्र फेंक दिए।
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फसल की बुवाई के वक्त बिजली कनेक्शन काटे जाने से किसान नाराज थे। उनका कहना था कि अफसर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करते हैं। एक किसान ने तो आत्महत्या की धमकी तक दे दी। हंगामा बढ़ने पर मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी ने किसानों को समझाबुझाकर शांत किया।

माह के तीसरे बुधवार को आयोजित होने वाले किसान दिवस में जिलाधिकारी गौरव दयाल और सीडीओ रविंद्र कुमार मांदड़ नहीं पहुंचे थे। किसान संघ के मोहन सिंह चाहर ने बताया कि आलू की खेती से बर्बाद हुआ किसान कर्ज लेकर किसी तरह अगली फसल की बुवाई में जुटा हुआ है।
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ऐसे में बिजली विभाग ने किसानों से वसूली और कनेक्शन काटने का काम शुरू कर दिया है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के जेई ने बताया कि ऊर्जा मंत्री ने दस हजार रुपये से ज्यादा के बकाएदार किसानों के कनेक्शन काटने के निर्देश दिए हैं। इ

स कारण गांवों में टीमें जा रही हैं। इस पर किसान आक्रोशित हो गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। श्याम सिंह चाहर ने शीतगृहों की परेशानी का मुद्दा उठाया।

आलू किसान विकास समिति के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानियां ने अधिकारियों पर शासन द्वारा जिले में आलू प्रोसेसिंग यूनिट लगाने को मांग गई रिपोर्ट भेजने में लेटलतीफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शासन ने 15 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन अधिकारियों ने तीन माह में रिपोर्ट तैयार करके भेजी।

इसी बीच कुछ किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा के नाम पर किसानों को धनराशि नहीं दिए जाने की शिकायत की। गुस्साए किसानों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। कुछ किसानों ने शिकायती पत्रों को जिला कृषि अधिकारी डा. रामप्रवेश की ओर उछालकर फेंक दिया। इस्माइल पुर के किसान ने आत्महत्या करने की चेतावनी दी।

हंगामा बढ़ने पर अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसके कुछ ही देर बाद डीएम गौरव दयाल विकास भवन पहुंच गए। उन्होंने किसान नेताओं को समझाबुझाकर शांत किया। इसके बाद डीएम ने सभी किसानों की समस्याएं सुनीं। कहा कि बिजली बकाया के संबंध में किसानों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
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