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चुप्पी तोड़ो, खुलकर बोलो

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आगरा। मुसीबत के समय छात्राएं खुद अपनी रक्षा कर सकती हैं। इससे न सिर्फ खुद को बचा लेंगी बल्कि परेशान करने वाले को सलाखों के पीछे भी पहुंचा देंगी। किसी तरह की समस्या होने पर मां-बाप को जरूर बताएं और पुलिस से शिकायत करें। अपनी चुप्पी तोड़कर खुलकर बोेलें। पुलिस हर पल कार्रवाई के लिए तैयार है।
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नारी सुरक्षा सप्ताह के तहत एसएसपी अमित पाठक ने बुधवार को बीडी जैन डिग्री कॉलेज में छात्राओं को जागरूक किया और आत्मरक्षा के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को अपनी सुरक्षा के लिए खुद भी जागरूक होना होगा। समस्या का समाधान नहीं होने पर महिला हेल्प लाइन नंबर 1090 पर बताएं।
महिला पुलिस अधिकारी महिलाओं की शिकायतें सुनेंगी। आपकी पहचान को गोपनीय रखा जाएगा। पुलिस बिना पीड़ित से मिले शिकायत का निस्तारण करेगी। 100 नंबर पर शिकायत करने पर तत्काल पुलिस पहुंचेगी। कॉलेज में छात्राओं को प्रोजेक्टर से हेल्प लाइन 1090 और शक्ति परी के बारे में बताया गया। इस दौरान एसपी सिटी कुंवर अनुपम सिंह, एसपी देहात डा. अखिलेश नारायण सिंह, सीओ सदर उदयराज सिंह, कॉलेज प्राचार्य डा. सुजाता, डा. कुसुम शर्मा, गोविंद अग्रवाल, मनोज सक्सेना, राधारानी, सुमन गुलाटी, वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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यह दिए टिप्स
- ऑटो और बस में बैठें तो चालक और परिचालक का फोटो खींच सकती हैं।
- छेड़छाड़ पर जोर से चिल्लाएं, आपकी मदद को आसपास के लोग आ जाएंगे।
- आत्मरक्षा के लिए खुद भी हमला करें। पेपर कटर, पैन, पेंसिल को हथियार बना लें।
- पुलिस अधिकारियों के नंबर कांटेक्ट की फेवरिट लिस्ट में रखें, जिससे मुसीबत के समय नंबर ढूंढना न पड़े।
- पुलिस अधिकारियों के मोबाइल के आगे के छह नंबर 945440 याद रखें। चार नंबर जोड़कर मिलाएंगी तो भी पुलिस को जानकारी पहुंच सकती है।
- ऑटो और बस में जाते समय जानबूझकर आपको टच करने वालों को पहचानें और उनकी शिकायत करें।
- किसी समस्या पर परेशान न हों। उसका समाधान निकालने के बारे में सोचें।
जरूरत के अनुसार लगाएं

कई बार छात्राएं डर की वजह से शिकायत नहीं करती हैं। पुलिस के इस तरह के कार्यक्रम से छात्राएं अपनी बात सामने आकर रखेंगी।
लक्ष्मी, छात्रा
पुलिस ने आत्मरक्षा के बारे में बताया। कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली हैं। इससे हम सभी मदद ले सकती हैं। 100 नंबर भी मिला सकते हैं।
काजल शर्मा, छात्रा

छात्राओं को अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही प्रयास करने होंगे। बाद में पुलिस की मदद ली जा सकती है। अपनी पहचान उजागर भी नहीं करनी पड़ेगी।
अलका यादव, छात्रा
इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन होते रहना चाहिए, जिससे छात्राएं पुलिस के सामने अपनी शिकायत करने से नहीं डरेंगी।
शबनम, छात्रा
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