विशेष न्यायाधीश अपर सत्र न्यायाधीश रवींद्र कुमार प्रथम ने नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी को चार साल का कारावास की सजा सुनाई है। मामले में आरोपी पर जुर्माना भी आरोपित किया है।
गौरतलब है कि एक नाबालिग बालिका के साथ 1 अक्तूबर 2013 को सिढ़पुरा कस्बे के ही सुनील हाबूड़ा पुत्र अमर सिंह हाबूड़ा ने नाबालिग बालिका को दुष्कर्म की नीयत से दबोच लिया। बालिका के चीखने चिल्लाने पर मामले की जानकारी परिवारीजनों को हुई। आरोपी को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने पहले इस मामले की प्राथमिकी दर्ज नहीं की, लेकिन बाद में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज हुई। आरोपी को जेल भेज दिया। इस मामले में नाबालिग के साथ अश्लील हरकत करने एवं दुष्कर्म करने के प्रयास के मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया। शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र गोला एवं अनिल यादव ने इस मामले में न्यायालय से आरोपी को अधिक से अधिक सजा देने की पैरवी की। अपर सत्र न्यायाधीश ने भारतीय दंड संहिता की धारा 354 क में 2 साल के कारावास की सजा सुनाई और 10 हजार रुपये का जुर्माना आरोपित किया। वहीं पाक्सो एक्ट में कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए 10 हजार रुपये का जुर्माना आरोपित किया गया। जुर्माना अदा न करने पर 6 माह के कारावास अवधि और बढ़ जाएगी। जुर्माने की आधी धनराशि नाबालिग पीड़ित को दी जाएगी।