फिरोजाबाद/खैरगढ़। नगर से सात किलोमीटर दूर ग्राम सांती स्थित प्राचीन शांतेश्वरनाथ महादेव मंदिर पर कांवड़ चढ़ाने वाले व्यक्ति की मनोकामना आज भी पूर्ण होती है।
सावन मास के अंतिम सोमवार होने के कारण शिवालयों पर सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। शिव मंदिरों में इसकी तैयारी कर ली गई है। सांती प्राचीन काल में राजा शांतुन की नगरी के नाम से जानी जाती थी। यहां पर राजा शांतुन ही पूजा अर्चना किया करते थे।
बताते हैं मंदिर में स्थापित पिंडी को निकलने की कोशिश की गई लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी थी। प्राचीन शांतेश्वरनाथ महादेव मंदिर पर फाल्गुन मास में महाशिवरात्रि के मौके पर यहां भव्य मेले का आयोजन भी होता है। मंदिर के महंत राजाचंद्र बताते हैं कि मंदिर में इस पिंडी को कोई निकाल नहीं सका। शिव मंदिर की क्षेत्र में बहुत ही मान्यता होने का ही परिणाम है कि युवकों के ही साथ काफी संख्या में महिलाएं कांवड़ चढ़ाने आती हैं।