एटा। साइबर क्राइम का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते साल के मुकाबले साइबर अपराध के मामले इस बार ज्यादा दर्ज हुए हैं। कई मामलों को पुलिस खुलासा तक नहीं कर पाई है।
साइबर अपराधियों पर पुलिस की पकड़ काफी कमजोर है। शायद यही कारण है कि साइबर अपराधी अपराध को अंजाम देकर आसानी से निकल जाते हैं। साइबर अपराधियों के आगे पुलिस के हर हथकंडे फेल ही नजर आते है। हर साल ऐसे अपराध बढ़ते जा रहे है। साल 2016 में आईटी एक्ट के सात मुकदमे दर्ज हुए तो साल 2017 की जुलाई तक 16 आईटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज हुई है। इनमे ज्यादातर मामले ऑनलाइन शॉपिंग और खुद को मैनेजर बता एटीएम कोड नंबर पूछकर खाते से रुपये उड़ाने के हैं। कुछ ही मामलों का पुलिस ने खुलासा किया है।
राजस्थान से पकड़े गए थे तीन आरोपी
एटा। साइबर अपराध में आरोपी फर्जी आईडी का इस्तेमाल करते है। पुलिस ने एक मामले का खुलासा किया जिसमें तीन आरोपी राजस्थान के जयपुर से पकड़े गए थे। इन पर 3.44 लाख रुपये निकालने आरोप था। फिलहाल तीनों आरोपी जमानत पर जेल से बाहर घूम रहे हैं।
मध्यप्रदेश, बिहार, तमिलनाडु तक फैला जाल
एक युवक से धोखाधड़ी से लॉटरी निकलने के नाम पर लाखों रुपये का ठगे गए। मामले की विवेचना की गई तो खातों की जांच की गई तो ज्यादातर खाते अन्य प्रदेश के मिले जबकि रुपये भी अन्य प्रदेश की शाखाओं से निकाले गए।
पुलिस बोर्ड लगाकर कर रही जागरूक
एटा। साइबर अपराध को लेकर पुलिस जागरूक कर रही है। जगह-जगह बोर्ड लगाकर पुलिस साइबर अपराध से बचने का तरीका बता रही है जिससे वह ठगी का शिकार न हो सके। पुलिस ने शहर में कई जगह बोर्ड लगवाए है।