एटा। जिले में वर्ष 2015 में गठित नई ग्राम पंचायतों के बाशिंदों को अब राशन लेने के लिए दूसरी ग्राम पंचायतों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। पंचायत चुनाव के दौरान अस्तित्व में आई नई ग्राम पंचायतों में शासन ने राशन की नई दुकानें खोलने के आदेश जारी किए हैं।
वर्ष 2015 की तीसरी तिमाही में परिसीमन के बाद जिले में नई ग्राम पंचायतों का गठन हुआ था। 1000 से अधिक आबादी वाले गांवों को ग्राम पंचायत के रूप में नई पहचान दी गई थी। परिसीमन और पुनर्गठन के बाद जिले में 67 नई ग्राम पंचायतें अस्तित्व में आई थीं।
इससे पहले जिले में 509 ग्राम पंचायतें थीं। पुनर्गठन के बाद जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या 576 पहुंच गई। अब नवगठित ग्राम पंचायतों में शासन ने राशन की दुकानें खोलने के आदेश सूबे के सभी जिलाधिकारियों और जिला पूर्ति अधिकारियाें को दिए हैं।
पूर्ति अधिकारी उमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि आदेश मिलने के बाद राशन की दुकानें खोलने की कवायद शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि जिले में पिछले साल आए शासन के आदेश पर पांच गांवों में दुकानें खोली जा चुकी हैं। बाकी पंचायतों में जल्द ही राशन की दुकानें खोल दी जाएंगी।
यह रहेगा नियम
ग्राम पंचायतों के परिसीमन और पुनर्गठन के कारण यदि पुरानी राशन की दुकान नई ग्राम पंचायत में जा चुकी है तो नई राशन की दुकान पुरानी ग्राम पंचायत में खुलेगी। इसी प्रकार यदि पुरानी दुकान पुरानी ग्राम पंचायत में है तो नई राशन की दुकान नई ग्राम पंचायत में खोली जाएगी।