मथुरा। भगवान राम और कृष्ण की नगरी के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने खजाने के द्वार खोल दिए हैं। भगवान कृष्ण की लीलाओं से जुड़े मथुरा-वृंदावन, कुरुक्षेत्र और श्रीनाथद्वारा में विकास को रफ्तार दी जाएगी।
अकेले मथुरा के लिए ही 300 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। वहीं भगवान राम से जुड़ी अयोध्या, चित्रकूट, पंचवटी और रामेश्वरम में भी विकास की योजनाएं शुरू की जा रही हैं। धार्मिक पर्यटन के लिए इन्हें और बेहतर बनाया जाएगा।
मथुरा और कृष्ण की लीलाओं से जुड़े अन्य स्थलों को धार्मिक पर्यटन से जोड़ने के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। कृष्णा सर्किट के तहत इस योजना में जल्द ही बजट रिलीज हो जाएगा। शनिवार को गोवर्धन पहुंचे केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने इस योजना को अंतिम रूप दिया।
अमर उजाला के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि ये योजना 2016 में तैयार की गई थी लेकिन उस समय प्रदेश सरकार का सहयोग न मिल पाने के कारण शुरू नहीं हो पाई। अब जल्द ही बजट जारी किया जाएगा। कुरुक्षेत्र के लिए 92 करोड़ और श्रीनाथद्वारा के लिए 97 करोड़ पहली किस्त के रूप में जारी कर दिया गया है। पहले चरण का काम पूरा होने के बाद दूसरी किस्त जारी कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि भगवान राम के प्रति आस्था के केंद्र अयोध्या, चित्रकूट, पंचवटी और रामेश्वर के विकास की योजना तैयार कर ली गई है। केंद्र सरकार ने बजट भी जारी कर दिया है। भगवान राम और कृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को केंद्र सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तैयार कर रही है। केंद्र सरकार ने अयोध्या और मथुरा के विकास के लिए बजट की कोई सीमा तय नहीं की है।
वापस हो गया था मथुरा के विकास को मिला 10 करोड़
केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने बताया कि पिछले साल मथुरा के विकास के पहले चरण के लिए 10 करोड़ का बजट पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर शासन ने जारी किया था। लेकिन सरकार उसे इस्तेमाल नहीं कर पाई और बजट ही वापस कर दिया था।