फिरोजाबाद। खाद्य सुरक्षा विभाग के मानक पर दूध खरा नहीं उतर रहा है। ब्रांडेड कंपनियों के दूध के पैकेट पर सब कुछ लिखा होता है जबकि पैकेट के अंदर गुणवत्ता कुछ और ही होती है। बुधवार को की गई जांच में अमूल गोल्ड मिल्क भी फेल हो गया। खाद्य विभाग की टीम ने नमूने को जांच के लिए भेज दिया है।
रानी वाला माकेट में नीलम एजेंसी फर्म पर मिल्क एजेंसी है। मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी वीके कुशवाह ने नामी कंपनी का मिल्क का नमूना लिया। दूध की जांच एनालाइजर से की गई। जांच में मिल्क फैट से बहुत कम पाई गई। टीम ने नमूने को विभागीय लैब पर जांच के लिए भेज दिया।
वहीं, फूड इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने 29 नवंबर को सोफीपुर तिराहा से बिहारीलाल दूधिया से दूध का नमूना लिया था। जांच में मिल्क फैट मानक से कम मिला। सोनू मेडिकल स्टोर से प्रोटीन पाउडर का नमूना और कृष्णा मेडिकल स्टोर से प्रोटीन पाउडर का नमूना लिया। जांच में नमूना मिस ब्रांडेड पाए गए। विभाग ने एडीएम कोर्ट में संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी वीके कुशवाह का कहना है कि लोगों को जागरूक किया गया कि विक्रेता एनालाइजन मशीन लगवाएं। मशीन से जांच परखकर ही दूध खरीदें। उन्होंने बताया कि देहात क्षेत्रों में केमिकल से दूध बनाने के कई मामले पकड़े भी गए हैं।