मैनपुरी। विद्यालयों के प्रधानाचार्य विभागीय आदेशों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिले के 200 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने अभी तक कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं की अर्द्धवार्षिक परीक्षा और प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक विभागीय वेबसाइट पर अपलोड नहीं किए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने दो दिन के अंदर अंक अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कक्षा नौ, 10 और 11, 12 के छात्र-छात्राओं की अर्द्धवार्षिक परीक्षा कराने के साथ ही परीक्षार्थियों के अंकपत्र और प्रयोगात्मक अंक विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। 30 नवंबर तक अंक अपलोड करने थे, लेकिन प्रधानाचार्यों ने विभागीय आदेशों पर ध्यान नहीं दिया। बाद में यह तिथि बढ़ाकर 20 दिसंबर कर दी गई, लेकिन इसके बाद भी जिले के 497 कॉलेजों में से 297 कॉलेजों ने ही अभी तक अर्द्धवार्षिक परीक्षा और प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक अपलोड किए हैं। जबकि मात्र दो दिन शेष बचे हैं। सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित तिथि तक सभी कॉलेजों से छात्र-छात्राओं के अर्द्धवार्षिक परीक्षा के अंक और प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक अपलोड कराए जाएं।
कोरोना काल के बाद बढ़ा अर्द्धवार्षिक परीक्षा का महत्व
पूर्व में अर्द्धवार्षिक परीक्षा के अंकों का कोई मतलब नहीं था। लेकिन वर्ष 2021 की बोर्ड परीक्षा कोरोना महामारी के कारण नहीं हो सकी। कोरोना काल को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने हाईस्कूल की परीक्षा का परिणाम अर्द्धवार्षिक परीक्षा और प्रीबोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार जारी किया। वहीं, इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षा, कक्षा 12 की अर्द्धवार्षिक परीक्षा और प्रीबोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर परीक्षा परिणाम जारी किया गया था। जिसके बाद परिषद ने निर्णय लिया कि अब परीक्षा के दौरान ही अंक अपलोड किए जाएंगे।
वर्ष 2021 की परीक्षा के अंक अपलोड में लगे थे कई आरोप
वर्ष 2021 की बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी करने के लिए जब परिषद ने कॉलेजों से पिछली परीक्षाओं के अंक अपलोड करने के लिए कहा तो छात्र-छात्राओं ने अंकों के नाम पर अवैध वसूली सहित कई आरोप लगाए थे। जिले के 50 कॉलेजों के छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम समय से अंक अपलोड न होने के कारण रोक दिया गया था। इससे छात्र-छात्राओं को परेशानी से जूझना पड़ा। अब परीक्षा के दौरान ही अंक अपलोड होने से किसी भी छात्र के साथ भेदभाव नहीं हो सकेगा।
जिन कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने अभी तक अद्र्धवार्षिक परीक्षा और प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक अपलोड नहीं किए हैं वे हर हाल में 20 दिसंबर तक अंक अपलोड कराना सुनिश्चित करें। अन्यथा की स्थिति में विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
मनोज कुमार वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक