एक सितंबर से पोषण सप्ताह मनाया जा रहा है। धरातल पर इसका असर नजर नहीं आ रहा है। प्रशासन के डाटा के अनुसार जिले में 197 अति कुपोषित बच्चे हैं, लेकिन पोषण पुनर्वास केंद्र में फिर भी बेड खाली हैं।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में 197 अति कुपोषित बच्चे हैं। जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में ऐसे बच्चों का उपचार किया जाता है। केंद्र में दस बेड की व्यवस्था है। जिले में 197 बच्चे अति कुपोषित बच्चे होने के बाद भी यहां बेड फुल नहीं हो पाते हैं। बृहस्पतिवार को पोषण पुनर्वास केंद्र में केवल सात बच्चे ही भर्ती थे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की है जिम्मेदारी
गांवों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर एनआरसी में भर्ती कराने की जिम्मेदारी होती है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ये कहकर जिम्मेदारी से बच जाती हैं कि अति कुपोषित बच्चों के परिजन आने के लिए तैयार नहीं होते हैं।
जो भी अति कुपोषित बच्चे यहां भर्ती कराए जाते हैं, उनकी बेहतर देखभाल की जाती है। वर्तमान में सात अति कुपोषित बच्चे भर्ती हैं जिन्हें उपचार और देखभाल की जा रही है। - गौरव दुबे, प्रभारी पोषण पुनर्वास केंद्र मैनपुरी।