एटा। दावों के बाद भी ग्रामीण खंड के हजारों विद्युत उपभोक्ताओं के यहां मीटर नहीं मिल पा रहे। कभी मीटर की कमी तो कहीं उपभोक्ताओं का विरोध लक्ष्य में बाधा बन रहा है। बताते चलें कि जिले के 5050 से अधिक उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके यहां अब तक मीटर ही नहीं लगा है।
मनमानी बिजली खर्च करने वाले कुछ लोग मीटर के नाम से भड़क रहे हैं। मीटर लगाने पहुंच रही टीमों को इनका विरोध झेलना पड़ रहा है। इसके चलते शत प्रतिशत विद्युत उपभोक्ताओं को मीटर करने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा। मीटर न मिलने के चलते भी विभिन्न क्षेत्रों में मीटर लगाने का काम अधूरा है। कई स्थानों पर ग्रामीणों की दबंगई भी आड़े आ रही है। विद्युत कर्मियों की मानें तो गांव के लोग मीटर लगवाने में आनाकानी ही नहीं वरन विरोध भी करते हैं। बताते चलें कि मीटर लगवाने का काम निजी कंपनी को दिया गया है।
मीटर ठोंक दो, तार मत जोड़ो
मीटर लगा रही टीम का कहना है कि जब विरोध करने वालों को मीटर लगाने के आदेश के बारे में बताते हैं तो यह लोग कहते हैं कि मीटर ठोंक दो, लेकिन बिजली डायरेक्ट चलने दो।
अधूरा विद्युतीकरण, कैसे लगें मीटर
अधूरा विद्युतीकरण भी मीटर लगाने में आड़े आ रहा है। कुछ गांवों में न्यूट्रल तार न होने से मीटर नहीं लग पा रहे। विद्युत उपभोक्ताओं का कहना है कि लाइन खिंचने के महीनों बाद भी न्यूट्रल तार न लगने से वे जमीन में तार से न्यूट्रल ले रहे हैं। जानकारों की मानें तो यह कभी भी जानलेवा हो सकता है।
मीटर्स की कमी के साथ ही उपभोक्ताओं का विरोध भी मीटर लगाने में बाधा बन रहा है। अलीगंज, जलेसर एवं पिलुआ क्षेत्र में मीटर लगाने का काम तेज हो गया है। कुछ गांवों में न्यूट्रल वायर न होने से भी मीटर नहीं लग पा रहे। काम पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।