मथुरा। अगर हल्के फुल्के हंगामे और नोकझोंक को छोड़ दिया जाए तो मथुरा संसदीय सीट पर चुनाव शांति के साथ निपट गया। सुबह से शाम तक ईवीएम को लेकर जरूर हल्ला मचता रहा। ईवीएम खराब होने से चुनाव प्रभावित भी हुआ। वह लोग भी अधिकारियों से भिड़ गए थे जिनके नाम मतदाता सूची से गायब थे। प्रशासन ने भी इसकी रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भेज दी है।
इस बार लोगों में मतदान को लेकर खासा उत्साह नजर आया। सुबह को 6 बजे से ही मतदान केंद्रों पर लाइनें लग गईं थीं। एक बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की थी जो मॉर्निंग वॉक करने के बाद सीधे बूथ पर पहुंच गए थे। सुबह को आठ बजे से तो हर मतदान केंद्र पर लाइन लग गई थी।
शहरी क्षेत्रों से ज्यादा उत्साह ग्रामीण इलाकों में दिख रहा था। वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गोवर्धन, राधाकुंड, कोसीकलां, राया, सौंख, मांट, नौहझील, बाजना, चौमुंहा, छाता, फरह, बलदेव, महावन, गोकुल, टैंटीगांव और टाउनशिप समेत पांचों विधानसभाओं के कस्बों में चुनाव शांति के साथ संपन्न हो गया।
ईवीएम खराब होने की शिकायतें सुबह से शाम तक सभी जगह गूंजती रहीं। कुछ जगहों पर ईवीएम की खराबी के कारण मतदान देरी से भी शुरू हो सका था। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र और एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने अफसरों के साथ मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया।