एटा। 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षकों को भी चुनाव ड्यूटी पर लगा दिया है। चौकीदारों की ड्यूटी से स्कूलों की सुरक्षा पर संकट है। परेशान शिक्षक कर्मचारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
आगामी लोकसभा चुनावों के लिए लगाई गई ड्यूटी में विसंगतियों की भरमार है। प्रधानाचार्य एवं रात्रि चौकीदारों की ड्यूटी लगाने से जहां शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं संस्था की सुरक्षा पर संकट बढ़ गया है। वहीं पांच दिन बाद सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षकों को भी ड्यूटी थमा दी गई है। डीएवी इंटर कालेज अलीगंज के प्रधानाचार्य डॉ होम सिंह कुशवाहा के अनुसार कालेज के वरिष्ठ प्रवक्ता शिव शरन सिंह एवं शिक्षक परम सिंह 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसकी सूचना देने के बाद भी अप्रैल माह में प्रस्तावित चुनाव के लिए इनकी ड्यूटी लगा दी गई है।
प्रधानाचार्य परिषद के जिलामंत्री डॉ सुधीर गुप्ता, मीडिया प्रभारी मनोज तिवारी का कहना है कि संस्थाओं में आवश्यक अभिलेखों के अलावा लाखों रुपये मूल्य के विद्युत पंखे, सीसीटीवी कैमरे, वॉयस रिकार्डर एवं अन्य विज्ञान उपकरण हैं। इनकी सुरक्षा जरूरी है।
ग्रेड पे की अनदेखी का आरोप
प्रधानाचार्य परिषद का आरोप है कि जिले में लगाई गई ड्यूटी में ग्रेड पे की भी अनदेखी की गई है। प्रधानाचार्य डॉ होम सिंह कुशवाहा, अनोखे सिंह यादव का कहना है कि अन्य निकटवर्ती जिलों में 7600 स्केल को जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया गया है। जबकि जिले के प्रधानाचार्यों को पीठासीन बनाया गया है।