टूंडला। रविवार को कोहरे ने एक बार फिर यातायात पर खासा असर डाला। कोहरे ने हाईवे पर वाहन एवं पटरियों पर दौड़ती ट्रेनों को रेंगने पर मजबूर कर दिया। घने कोहरे के चलते ट्रेनें दो से सात घंटे देरी से चली। ट्रेनों के देरी से चलने पर रेलयात्रियों को सर्दी के इस मौसम में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
देरी से आए कोहरे ने पिछले दिनों ट्रेनों को 10 से 11 घंटे लेट कर दिया था। उसके बाद मौसम खुला तो ट्रेनें अपने समय पर दौड़ने लगी थी, किंतु शनिवार से एक बार फिर कोहरे ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया। रविवार सुबह से पड़े घने कोहरे के चलते हाइवे पर वाहन एक के पीछे एक रैंगते नजर आए। वहीं कोहरे ने ट्रेनों पर भी ब्रेक लगा दिए।
सबसे अधिक हावड़ा-दिल्ली रेलखंड पर कानपुर की ओर टूंडला आने वाली ट्रेनों पर दिखाई दिया। इस रूट पर ट्रेनें दो से सात घंटे देरी से चल रही थीं। वहीं दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनें दो से तीन घंटे देरी से चल रहीं थी। मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के अलावा राजधानी जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें भी घंटों देरी से चल रहीं थीं।
कोहरे के चलते रेल अधिकारियों ने रेल चालकों को ट्रेनें फॉग स्पीड में ही चलाने के निर्देश दिए। इसके चलते 100 से 120 की स्पीड में चलने वाली ट्रेनें भी 60 किमी प्रति घंटे से दौड़ती नजर आयीं। ट्रेनों के इंतजार में रेलयात्री स्टेशनों पर बैठे रहे। उन्हें गलन भरी इस सर्दी में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दिल्ली की ओर जाने वाली लेट ट्रेनें
- भुवनेश्वर-नईदिल्ली राजधानी एक्सप्रेस-6 घंटे
- डिब्रूगढ़-नईदिल्ली राजधानी एक्सप्रेस-छह घंटे
- रांची-नईदिल्ली राजधानी एक्सप्रेस-साढ़े छह घंटे
- मगध एक्सप्रेस-सात घंटे
- पूर्वा एक्सप्रेस- चार घंटे
- वैशाली एक्सप्रेस- दो घंटे
कानपुर की ओर जाने वाली लेट ट्रेनें
- मूरी एक्सप्रेस-चार घंटे
-कालका मेल-दो घंटे
- जोगबनी एक्सप्रेस-दो घंटे
- महानंदा एक्सप्रेस-दो घंटे
- नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस-दो घंटे