फिरोजाबाद/सिरसागंज/खैरगढ़। सड़क पर घूमने वाले पशुओं से परेशान किसान आंदोलित हैं। प्रशासन उनकी सुन नहीं रहा। पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। न कोई झंडा, न कोई बैनर और न ही कोई संगठन। किसान स्वत: ही विरोध स्वरूप पशुओं को सरकारी भवनों की तरफ हांक रहे हैं।
गांवों से पशुओं को परिषदीय स्कूलों में भरा जा रहा है। रविवार को जिले में चार स्थानों पर किसानों ने परिषदीय स्कूल पशुओं के बाडे़ के रूप में तब्दील कर दिए। खैरगढ़ और सिरसागंज क्षेत्र के किसानों ने रविवार को पशुओं की घेराबंदी की और स्कूलों में भर दिया। मुख्य गेट का ताला लगा दिया। बूढ़ा भरथरा में तहसीलदार शिकोहाबाद पहुंच गए।
पशुओं द्वारा फसल बर्बाद करने के कारण किसानों की नींद उड़ी हुई है। तीन दिन पूर्व किसराव के किसानों ने पशु को स्कूल प्रांगण में भरकर ताला लगाया था। शिक्षक को स्कूल परिसर में चबूतरे पर क्लास लगानी पड़ी थी। रविवार को सिरसागंज के बूढ़ा भरथरा में किसानों ने पशुओं की घेराबंदी कर सभी को प्राथमिक स्कूल प्रांगण में भर दिया और गेट पर ताला लगा दिया। ग्रामीणों की मानें तो तहसीलदार शिकोहाबाद पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे थे। लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
थाना खैरगढ़ के निकाऊ में भी किसानों ने पशुओं को प्राथमिक स्कूल प्रांगण में भर दिया। लेकिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि इसी तरह पशु फसल को बर्बाद करते रहे तो खाने के लिए अनाज तक नहीं बचेगा। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण अफसरों ने किसानों के विरोध को गंभीरता से नहीं लिया।
नसीरपुर और हरगनपुर के किसानों ने पशुओं की घेराबंदी करके स्कूल प्रांगण में रविवार को भर दिया। किसानों का कहना था कि पशु फसलों को बर्बाद करने में जुटे हैं। इससे उनकी हजारों की कीमत की फसल बर्बाद हो रही है।
खैरगढ़ क्षेत्र के निकाऊ निवासी गजेंद्र सिंह, जीते सिंह, हरी सिंह चौहान, सुखपाल सिंह, शंकर देव सिंह के साथ कई किसानों की गेहूं, आलू एवं सरसों की फसल बर्बाद कर दी।
किसान सर्द रातों में जागकर फसलों की रखवाली करने को विवश है। किसानों का तर्क है कि खेतों पर सोने के दौरान पशु हमलावर हो जाते हैं। इसके कारण ग्रुप में दो से तीन लोग रहते हैं। पशुओं की 100-150 की टोली खेतों में खड़ी फसल को बर्बाद कर जाती है।
फिरोजाबाद। किसान रविवार को खुल में घूम रहे पशुओं को संदलपुर गोशाला में लेकर पहुंच गए। किसान किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. प्रभंजन शुक्ला व एसओ मटसेना नीरज मिश्रा पुलिसबल के साथ पहुंच गए। यहां भी विवाद की स्थिति बनी रही। सीबीओ डा. प्रभंजन शुक्ला ने कहा कि मनरेगा योजना से बनी गोशाला में अभी चारे के लिए कोई इंतजाम नहीं किया है। वहां मौजूद जानवरों के लिए 40 हजार रुपया चारा के लिए एकत्रित करके किसी तरह से दिया है।
टूंडला। गांव गढ़ी धर्मी में किसानों ने रविवार को भी पशुओं को सरकारी स्कूल में बंद कर दिया है। सूचना पर पहुंची पुलिस के समझाने पर भी ग्रामीण नहीं माने। स्कूल में कैद किए गये गोवंश ने स्कूल को तबेला बना दिया है। ग्रामीण स्कूल का गेट बंद करते हुए स्वयं भी स्कूल के बाहर डटे हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक प्रशासन इन पशुओं की व्यवस्था नहीं करता वे उन्हें स्कूल से नहीं छोड़ेंगे। किसानों का कहना कि अब तक पशु क्षेत्र की सैड़ों बीघा फसल बर्बाद कर चुके हैं। सरकार ने काजी हाउस बनवाने का ऐलान तो किया, लेकिन विकास खंड में एक भी काजी हाउस नहीं बनाया गया।
ग्रामीणों ने स्कूल में गोवंश भर दिए हैं इसकी जानकारी डीएम और अन्य अधिकारियों को दे दी है। किसान बिना समस्या समाधान पशु को स्कूल से बाहर करने को तैयार नहीं हैं। अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।