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शिक्षा सत्र खत्म होने को, अब तक नहीं पहुंची गणित, विज्ञान और अंग्रेजी की किताबें

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मैनपुरी। बेसिक शिक्षा विभाग में अधिकारियों की अनदेखी और प्रधानाध्यापकों की हठधर्मिता के कारण शिक्षा का माहौल बिगड़ रहा है। शासन द्वारा भेजी गईं उत्तर पुस्तिकाएं स्कूलों में न पहुंचने से छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। ऐसा ही एक मामला किशनी विकास खंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय कृपालपुर का है।
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शिक्षा सत्र समापन की ओर है। लेकिन परिषदीय स्कूलों की स्थिति यह है कि यहां अभी तक किताबें तक नहीं पहुंची हैं। किताबों के न पहुंचने के कारण बच्चों को शिक्षक उचित ज्ञान नहीं दे पा रहे हैं। छात्रों के बार-बार कहने के बाद भी प्रधानाध्यापक कुछ ध्यान नहीं दे रहे हैं। किशनी विकास खंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय कृपालपुर में कक्षा छह के बच्चों को अभी तक मुख्य विषय गणित, अंग्रेजी, विज्ञान और भारत के महान व्यक्तियों की किताबें नहीं मिल सकीं। इससे यहां इन विषयों में बच्चों को केवल मौखिक ज्ञान ही दिया जा सका है। विद्यालय के छात्रों का कहना है कि उन्होंने कई बार इसकी शिकायत की लेकिन प्रधानाध्यापक ने कोई ध्यान नहीं दिया।

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बोले छात्र
कई बार शिक्षकों से इस संबंध में कहा गया लेकिन उनके द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिससे कोर्स प्रभावित हो रहा है।
रितु, छात्रा कक्षा छह
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कुछ पाठ बदल गए हैं लेकिन नई किताब नहीं है। इससे कुछ जानकारी नहीं मिल पा रही है। इस बारे में शिक्षकों से कई बार शिकायत की गई लेकिन वे किताबें नहीं आने की बात बताते रहे।
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अर्चना, छात्रा कक्षा छह
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विज्ञान, गणित जैसी किताबें न होने से दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। पुरानी एक किताब है, उसके कई पन्ने भी फटे हुए हैं। उससे काम चल रहा है।
नगमा, छात्रा कक्षा छह
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अंग्रेेजी और महान व्यक्तित्व की किताब भी नहीं मिली है। इससे पढ़ाई नहीं हो पा रही है। कई बार शिक्षकों से कहा गया लेकिन किताब नहीं मिली।
सुरजीत, छात्र कक्षा छह
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संकुल से किताबें प्राप्त नहीं हुई हैं। कई बार प्रयास किए गए। इससे छात्रों को नहीं मिल सकी हैं। जब किताबें आई ही नहीं तब क्या किया जा सकता है।
मुन्ना बाबू पांडेय, प्रधानाध्यापक
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सभी विषयों की किताबें भेजी गई थीं। गड़बड़ी कहां से हुई है इसका पता लगाया जा रहा है। संकुल प्रभारी से जानकारी होने पर बात की गई तो उनका कहना था कि प्रधानाध्यापक लेने ही नहीं आए।
एसके यादव, डीसी
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सारे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी। किताबें संकुल केंद्र पर उपलब्ध कराने के बाद भी आखिर विद्यालय क्यों नहीं पहुंची यह मामला चिंताजनक है।
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विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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