मथुरा। आवासीय क्षेत्र से अब तक औद्योगिक इकाइयों के स्थानांतरित न होने पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने नाराजगी जाहिर की है। सभी औद्योगिक इकाइयों के स्थलीय निरीक्षण के लिए केंद्रीय और राज्य प्रदूषण बोर्ड को आदेशित किया है।
राष्ट्रीय हरित अभिकरण की संपूर्ण पीठ ने मंगलवार को गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी एवं कांतानाथ चतुर्वेदी से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान हरीश गर्ग की याचिका एवं कुंज बिहारी भारद्वाज की याचिका पर भी सुनवाई की। इस दौरान दोनों याचियों के अधिवक्ता राहुल कुमार ने अभिकरण को अवगत कराया कि कागजों पर तो इकाइयां बंद हो गईं हैं, लेकिन हकीकत में 14 इकाइयां अभी भी चल रही हैं।
अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने इन इकाइयों के विद्युत कनेक्शन कटने पर जेनरेटर की मदद से चलने की जानकारी दी। इस पर एनजीटी ने जिला प्रशासन को कार्रवाई के आदेश जारी किए गए। आवासीय इलाके में गलत तरीके से चल रही इकाइयों के खिलाफ कार्यवाही की रिपोर्ट सरकार और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। इस पर केंद्रीय एवं राज्य प्रदूषण बोर्ड को संयुक्त जांच का आदेश देकर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया।