राधाकुंड (मथुरा)। श्रीधाम राधाकुंड में केशवदास 500 वर्ष पुरानी रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी के 36वें नए महंत चुने गए हैं। अनंतदास महाराज के ठाकुर जी की नित्य लीला में चले जाने के बाद संत-महंतों ने उनके शिष्य केशवदास को जिम्मेदारी दी है। रघुनाथदास गोस्वामी गद्दी के अंतर्गत बुधवार को संत सभा का आयोजन किया गया।
सभा में कार्यवाहक महंत श्याम सुंदर महाराज ने संत विशंबरदास के प्रस्ताव के बाद सर्वसम्मति से केशवदास को आसन ग्रहण कराया। महंताई महोत्सव में अखंडनाम राधा महिमा का पाठ व अन्य धार्मिक कार्यक्रम हुए। नए महंत को महंताई की चादर ओढ़ाई गई। इस गद्दी के अंतर्गत 300 भजन कुटीर हैं। इनमें रह कर साधु-संत भजन ध्यान करते हैं।
हजारों साधु-संतों के अलावा देशी-विदेशी भक्त अनुयायी भी इस गद्दी से जुड़े हैं। यहां अन्नक्षेत्र, संस्कृत, गौड़ीय भाषा की पढ़ाई के लिए विद्यालय व अन्य सेवा के प्रकल्प शामिल हैं। इस गद्दी द्वारा राधा-श्याम कुंड का रख-रखाव किया जाता है। नए महंत बने केशवदास ने बताया कि गुरु परंपरा के अनुसार गद्दी की ओर से साधु व दीनदुखियों की सेवा की जाएगी।
सेवा के सभी प्रकल्प चलते रहेंगे। इस अवसर पर विशंबर दास, अशोक गोस्वामी, सनातन दास, श्यामसुंदर दास, वनमाली दास, वैष्णव दास, सुबल दास, बिहारी बाबा, निताई दास, राधा कृष्ण दास, हरि गोपाल दास, लोकनाथ दास आदि थे।