मथुरा। श्री माथुर चतुर्वेद परिषद द्वारा आयोजित चार दिवसीय वार्षिक श्रीकृष्ण महोत्सव की शुरूआत शुक्रवार सुबह विश्राम घाट पर गोचारण लीला के साथ हुई। शाम को नगर में श्रीकृष्ण की शोभायात्रा निकाली गई।17 नवंबर को विश्राम घाट पर रात आठ बजे से कवि सम्मेलन व 18 नवंबर को कंस वध लीला होगी।
शोभायात्रा छत्ता बाजार स्थित भीकचंद गली से शाम पांच बजे प्रारंभ हुई। यहां से यात्रा गोपाल बाग, पुराना बस स्टैंड होते हुए पुन: होली गेट, छत्ता बाजार होकर विश्राम घाट पहुंची। जहां आरती के साथ यात्रा का समापन हुआ। महामंत्री योगेन्द्र चतुर्वेदी एडवोकेट ने बताया कि 18 नवंबर को शाम 4 बजे कंस वध शोभायात्रा हनुमान गली से कंस टीले तक जाएगी। जहां कंस वध की लीला होगी। यात्रा पुन: होली गेट, छत्ता बाजार होते हुए विश्राम घाट पहुंचकर आरती के साथ संपन्न होगी। 19 नवंबर को शाम 7 बजे यमुना में दीपदान होगा।
इस दौरान परिषद के मुख्य संरक्षक महेश पाठक, संरक्षक गिरधारी लाल पाठक, अध्यक्ष दिनेश पाठक, उपाध्यक्ष राकेश तिवारी, अरविन्द चतुर्वेदी भूरा, मंत्री संजीव चतुर्वेदी, कोषाध्यक्ष कमल चतुर्वेदी मोला, युवा अध्यक्ष आशीष चतुर्वेदी, संयोजक रोहित चतुर्वेदी, दीपक चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
सज गए लठ, लोग करेंगे परिक्रमा
मथुरा। द्वापर युग से चली आ रही कंस वध की लीला एक बार फिर कन्हैया की नगरी में जीवंत होगी। कंस को लट्ठों से झूरने के लिए चतुर्वेदी समाज के लोग तैयारियों में जुट गए हैं। लट्ठों की खरीदारी कर उन्हें तेल पिलाया जा रहा है। मेंहदी से उन्हें सजाया जा रहा है। विश्राम घाट पर बालकृष्ण चतुर्वेदी द्वारा लट्ठों की दुकान भी सजाई हैं, जहां 100 रुपये में लट्ठ बेचे जा रहे हैं। कोसी से करीब 500 लट्ठ मंगाए गए हैं। गोंडा, बहराइच, लखनऊ व मिर्जापुर से भी लट्ठ आते हैं। श्री माथुर चतुर्वेद परिषद के उपाध्यक्ष राकेश तिवारी ने बताया कि किसी का वध करना भी परंपरा में गलत माना जाता है। इस प्रायश्चित के उद्देश्य से समाज के लोग मथुरा की परिक्रमा भी करते हैं। उधर, कंस वध से पहले अखाड़ों पर चतुर्वेदी भांग और ठंडाई छानते हैं। चौकी अखाड़ा, मोहनबाग, गिरधर वाली कंस टीला, पीपलवाला, लक्ष्मनगढ़ आदि अखाड़ों पर भांग छानने के बाद होलीगेट चौराहा पर एकत्रित होकर अपने बल का प्रदर्शन करते हैं।